Home Life Style अगरबत्ती जलाना क्यों माना जाता है अशुभ? 4 मुख्य कारण जानना बेहद जरूरी, वैज्ञानिक तर्क भी समझिए

अगरबत्ती जलाना क्यों माना जाता है अशुभ? 4 मुख्य कारण जानना बेहद जरूरी, वैज्ञानिक तर्क भी समझिए

0
अगरबत्ती जलाना क्यों माना जाता है अशुभ? 4 मुख्य कारण जानना बेहद जरूरी, वैज्ञानिक तर्क भी समझिए

[ad_1]

हाइलाइट्स

पूजा पाठ में अगरबत्ती जलाना अशुभ माना जाता है
बांस की अगरबत्ती जलाने से भाग्य और वंश का नाश माना जाता है

Agarbatti Se Judi Manyta: हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा का बहुत महत्व है. मान्यताओं के अनुसार देवी-देवताओं की विधि-विधान से पूजा की जाती है. पूजा-पाठ में विभिन्न सामग्रियां उपयोग में ली जाती हैं. भगवान की पूजा-अर्चना के समय भक्त धूप-अगरबत्ती, कपूर, दीपक आदि जलाते हैं. सामान्य तौर पर लोग अगरबत्ती जलाकर भगवान की पूजा शुरू करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगरबत्ती जलाना अशुभ माना जाता है. आइए आपको बताते हैं कि क्यों अगरबत्ती जलाना अशुभ माना जाता है.

1.भाग्य और वंश का नाश: भोपाल निवासी ज्योतिषाचार्य विनोद सोनी पोद्दार के मुताबिक बांस को जलाने से भाग्य और वंश का नाश होता है. मान्यताओं में बांस को भाग्यवर्धक और वंश वृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इसलिए हिन्दू धर्म में बांस से बनी अगरबत्तियों को जलाना निषेध है.

ये भी पढ़ें: तुलसी के पास भूलकर भी न लगाएं ऐसे पौधे, हो सकते हैं बेहद बुरे परिणाम, आज ही हो जाएं सावधान

2 बांस से बनाई जाती है अर्थी: हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार बांस का उपयग अर्थी बनाने में किया जाता है. लेकिन दाह संस्कार में बांस को नहीं जलाया जाता इसीलिए बांस से बनी अगरबत्तियों को पूजन में जलाना शुभ नहीं माना जाता है.

3.बांस की पूजा की जाती: हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार शादी, जनेऊ, मुंडन आदि में बांस की पूजा की जाती है. शादियों में बांस से मंडप बनाया और सजाया जाता है. इसलिए पूजा विधियों में बांस से बनी अगरबत्तियों को जलाना निषेध माना जाता है.

ये भी पढ़ें: कुंती कैसे थी श्री कृष्ण की बुआ? क्या था उनका वास्तविक संबंध, जानें दिलचस्प पौराणिक कथा

4.वैज्ञानिक तर्क: अगरबत्ती जलाने को लेकर अगर बात वैज्ञानिक दृष्टिकोण की करें तो बांस में भारी मात्रा में लेड और हेवी मेटल होता है. जिसे जलाने से लेड ऑक्साइड बनता है अगर हम घर पर बांस से बनी अगरबत्तियां जलाएंगें तो ये हानिकारक तत्व धुएं के रूप में हमारी श्वास के जरिए शरीर के अंदर जाने का खतरा रहता है और ये हमारी सेहत पर असर डाल सकता है. यही वजह है कि पूजा-पाठ में अगरबत्ती जलाने की जगह धूपबत्ती जलाने को कहा जाता है. आप भी पूजा पाठ में धूप बत्ती का उपयोग कर सकते हैं.

Tags: Astrology, Dharma Aastha

[ad_2]

Source link