[ad_1]
ऐप पर पढ़ें
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक वाट्सएप चैट वायरल हुआ है। कहा जा रहा है कि धमकी भरा यह चैट इसी साल छह जनवरी को अतीक ने अहमदाबाद के साबरमती जेल से एक बिल्डर को भेजा था। मंगलवार को यह मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल रहा। इसे खूब शेयर किया जा रहा है। पूर्व में साबरमती जेल से अतीक के फोन कर धमकी देने का मामला उजागर हो चुका है। नैनी जेल में अतीक द्वारा अधिकारियों की पिटाई और देवरिया जेलकांड भी किसी से छिपा नहीं है।
मैं अभी मरने वाला नहीं हूं….
चैट में धमकी भरे लहजे में लिखा गया है कि जिनकी उसके सामने कोई औकात नहीं थी आज वो लोग उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा रहे हैं। पुलिस की शरण लेकर अपना धंधा कर रहे हैं लेकिन ये ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा। बिल्डर को धमकाया कि तुम ईडी-ईडी चिल्ला रहे हो लेकिन तुम्हारा पैसा तो ईडी ने सीज नहीं किया। तुमसे हमारी कोई दुश्मनी नहीं है। तुम मेरे बड़े बेटे उमर से जो हिसाब निकल रहा है, उसे तुरंत दे दो। वो इस वक्त हमारे बहुत काम आएगा और शायद अब आपके तरफ से ध्यान हट जाए, कम लफ्जों में ज्यादा समझ लो, मैं अभी मरने वाला नहीं हूं, इंसाअल्लाह एक्सराइज करता हूं, दौड़ता हूं, बेहतर है हमसे आकर मिल लो।
अयोध्या राममंदिर में रामलला के श्रीविग्रह का निर्माण करेंगे प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज
मेयर के चुनाव के लिए रंगदारी
इस मैसेज में तीन लोगों को जमकर पिटवाने की बात भी लिखी है। बताया जा रहा है कि बीते पांच जनवरी को अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन बसपा में शामिल हुई थी और मेयर उम्मीदवार बनी थीं। इस चुनावी खर्च के लिए ही अतीक ने लोगों को जेल से मैसेज और फोन कर वसूली शुरू कर दी थी। लोगों को डराने व धमकाने के लिए अतीक ने लिखा था कि उसके बेटे न डॉक्टर बनेंहे न वकील बनेंगे। सिर्फ हिसाब होना है, इंशा अल्लाह बहुत जल्द सबका हिसाब शुरू कर दूंगा।
अतीक गैंग में शामिल है बिल्डर
अतीक ने जिस बिल्डर को यह मैसेज किया है, बताया जा रहा है कि वह अतीक गैंग के लिए काम करता है। आईएएस 227 गैंग का सदस्य है। उसे अतीक के फाइनेंसर के तौर पर जाना जाता है। हालांकि कुछ लोगों का दावा है कि अतीक अहमद ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था और वह इतना लंबा मैसेज टाइप नहीं कर सकता था। कयास भी लगाए जा रहे हैं कि अतीक अहमद ने जेल में अपने किसी करीबी से मैसेज टाइप कराया होगा।
[ad_2]
Source link