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दिल्ली में सेवाओं पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश पर कांग्रेस ने अब तक खुलकर अपना रुख साफ नहीं किया है। पार्टी आलाकमान अब इस पर पार्टी के अंदर रायशुमारी कराने का मन बना रहा है। इसके लिए सोमवार को एएक बड़ी बैठक होने जा रही है।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली कांग्रेस के नेता अध्यादेश के मुद्दे पर सोमवार 29 मई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक करेंगे। खड़गे इस मुद्दे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का समर्थन करें या नहीं, इस पर पार्टी नेताओं से राय लेंगे।
केजरीवाल ने खड़गे और राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र द्वारा जारी अध्यादेश का विरोध करने को समर्थन जुटाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के नेता राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा है।
केजरीवाल ने इस मुद्दे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), समाजवादी पार्टी (सपा) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) समेत विभिन्न राजनीतिक दलों से समर्थन मांगा है।
केजरीवाल ने शुक्रवार को ट्वीट कर बताया, ”कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे जी और राहुल गांधी जी से भाजपा सरकार के अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक अध्यादेश के खिलाफ संसद में कांग्रेस का समर्थन हासिल करने और संघीय ढांचे पर हमले तथा मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए मुलाकात का वक्त मांगा है।”
‘केजरीवाल BJP की प्रशंसा करते रहे, उन्हें अपनी गलती का अहसास होना चाहिए’
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने केंद्र के अध्यादेश पर विवाद के बीच शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक को अपनी “गलती” का अहसास होना चाहिए। वह पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तारीफ करते थे।
उनकी यह टिप्पणी दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व सांसद राहुल गांधी से राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ समर्थन की मांग के मद्देनजर आई है।
अनिल चौधरी ने कहा, ”कांग्रेस आलाकमान इस बात का फैसला करेगा कि वे अरविंद केजरीवाल से मिलेंगे या नहीं। जब सभी विपक्षी दल एक साथ थे, तो वे बीजेपी की तारीफ करते रहे। अरविंद केजरीवाल को अपनी गलती का अहसास होना चाहिए।”
क्या है विवाद की वजह
बता दें कि, केन्द्र सरकार ने 19 मई को ‘दानिक्स’ कैडर के ‘ग्रुप-ए’ अधिकारियों के तबादले और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए ‘राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण’ गठित करने के उद्देश्य से एक अध्यादेश जारी किया था, जिसे आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार सेवाओं के नियंत्रण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध बता रही है।
गौरतलब है कि अध्यादेश जारी किए जाने से महज एक सप्ताह पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस, कानून-व्यवस्था और भूमि को छोड़कर अन्य सभी सेवाओं का नियंत्रण दिल्ली सरकार को सौंप दिया था।
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