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गोचिन ने कहा कि वह एक और सुरंग खोदेगी। इसके अलावा अफगानिस्तान के अंदर से निकाले गए लिथियम को प्रॉसेस किया जाएगा। तालिबान के सत्ता में आने के बाद चीन ने आतंकी गुट के साथ अपने आर्थिक रिश्तों का विस्तार किया है। चीन की कंपनियां अब अफगानिस्तान में निवेश करने का प्रस्ताव दे रही हैं। जनवरी 2023 में शिजियांग सेंट्रल एशिया पेट्रोलियम गैस कंपनी ने उत्तरी अफगानिस्तान में स्थित अबू दराया घाटी से तेल निकालने का सौदा किया था। यह पूरा सौदा 54 करोड़ डॉलर का हुआ था।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान के पास लिथियम का 1 ट्रिल्यन डॉलर का अनुमानित भंडार है। चीन की कंपनियां अफगानिस्तान के इस सफेद सोने पर अपना कब्जा हासिल करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही हैं। तालिबान सरकार को अभी चीन समेत दुनिया के किसी भी देश ने मान्यता नहीं दी है। चीन अमेरिका के जाने के बाद खाली हुए स्थान को भरना चाहता है। कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि चीन की नजर अफगानिस्तान में खाली हुए अमेरिकी अड्डों पर भी है। चीन अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीपीईसी परियोजना को बढ़ाना चाहता है। इससे वह आगे चलकर ईरान तक अपनी पकड़ मजबूत कर लेगा।
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