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वॉशिंगटन: भारत के बाद अब अमेरिका (America) में तूफान का कहर बरपा है. मंगलवार को देश के कई हिस्सों में तेज तूफान (Storm) की सूचना मिली, जिसके चलते 7,000 से अधिक उड़ानें या तो रद्द (Flight Cancellation) कर दी गईं या उनमें देरी हुई. यह संख्या देश भर में तूफान के कारण हर मिनट बढ़ रही है. पूर्वोत्तर क्षेत्र में इसका सबसे बड़ा अधिक प्रभाव महसूस किया गया. सबसे अधिक प्रभावित एयरलाइन यूनाइटेड है, जिसकी 37% उड़ानों में देरी हुई और उनमें से 16% रद्द कर दी गईं.
फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताहांत में, अमेरिका में ओहियो, अरकांसस और मिसिसिपी जैसे राज्यों में बवंडर और तूफान का खतरा पैदा हो गया. फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने पूर्वोत्तर में खराब मौसम के कारण इस सप्ताहांत हजारों उड़ानें रद्द करने का आदेश दिया. मंगलवार को भी उड़ानें रद्द होने और देरी का सिलसिला जारी रहा. उड़ान निगरानी सेवा फ्लाइटअवेयर के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताहांत, संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ हिस्सों में तूफान के बाद शनिवार और सोमवार के बीच सभी एयरलाइनों की लगभग 26,000 उड़ानों में देरी हुई और 4,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं.
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यूनाइटेड एयरलाइंस के सीईओ स्कॉट किर्बी ने भयंकर तूफान के कारण हजारों उड़ानें रद्द होने के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) को दोषी ठहराया है. किर्बी ने कहा कि एफएए ने शनिवार को आगमन दरों में 40% और प्रस्थान दरों में 75% की कमी की. जिसके कारण बड़े पैमाने पर देरी हुई और फ्लाइट कैंसिल हुईं. रविवार को जब मौसम वास्तव में खराब हुआ तो स्टाफ की कमी के कारण यह और भी जटिल हो गया. उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों को दिए एक ज्ञापन में कहा, “मैं… निराश हूं कि एफएए ने इस सप्ताह के अंत में हमें स्पष्ट रूप से विफल कर दिया. इस सप्ताहांत यूनाइटेड के 150,000 से अधिक यात्री प्रभावित हुए हैं.”
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