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अब Facebook से डाउनलोड कर पाएंगे ऐप्स, ऐपल स्टोर और प्ले स्टोर की छुट्टी करेगी मेटा

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अब Facebook से डाउनलोड कर पाएंगे ऐप्स, ऐपल स्टोर और प्ले स्टोर की छुट्टी करेगी मेटा

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सोशल मीडिया कंपनी मेटा की ओर से लिए गए एक बड़े फैसले का सीधा असर ऐपल और गूगल पर पड़ सकता है। एंड्रॉयड यूजर्स को पहले ही ऐप्स साइड-लोड करने का विकल्प मिलगा है लेकिन iOS में ऐसा करना आसान नहीं है। यानी कि यूजर्स को ऐप्स डाउनलोड करने के लिए ऐप स्टोर या प्ले स्टोर की मदद लेनी होती है। अब मेटा यही विकल्प अपनी फेसबुक ऐप में देने वाली है और यूजर्स फेसबुक से ऐप्स डाउनलोड कर सकेंगे। 

ऐप डिवेलपर्स को उनकी ऐप्स गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर लिस्ट करने के लिए ना सिर्फ एक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है बल्कि वे इन-ऐप बिलिंग सिस्टम का हिस्सा बन जाते हैं। गूगल और ऐपल के के सिस्टम को बायपास करने का नया तरीका मेटा ने खोज निकाला है और यूजर्स को सीधे फेसबुक ऐड्स से ऐप्स डाउनलोड करने का विकल्प मिल सकता है। अगर ऐसा होता है तो गूगल और ऐपल दोनों को ऐप मार्केट में मेटा से सीधी टक्कर मिलेगी। 

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बीते दिनों आया है बड़ा फैसला

हाल ही में यूरोपियन यूनियन डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) में साफ किया गया है सभी बड़ी टेक कंपनियों को वैकल्पिक ऐप स्टोर्स को परमिट देना होगा। यानी कि यूजर्स को प्ले स्टोर या ऐप स्टोर के अलावा ऐप्स डाउनलोड करने के अन्य विकल्प मिलना भी अगले साल से अनिवार्य होगा। ऐसे वक्त में मेटा की ओर से उठाया गया कदम कंपनी को बड़े फायदे की स्थिति में लाकर खड़ा कर सकता है। 

क्या होती है ऐप साइड-लोडिंग?

एंड्रॉयड यूजर्स के लिए ऐप्स डाउनलोड करने का आधिकारिक तरीका गूगल प्ले स्टोर पर जाना है। वहीं, ऐपल डिवाइस यूजर्स  को ऐप स्टोर का विकल्प मिलता है। यूजर्स अगर इन प्लेटफॉर्म्स के अलावा किसी अन्य तरीके (APK फाइल या फिर थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स) से ऐप्स इंस्टॉल की जाती है तो इस प्रक्रिया को साइड-लोडिंग कहते हैं। एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर ऐसा करना आसान है लेकिन कंपनियां ऐसा करने को सुरक्षित नहीं मानतीं। 

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डिवेलपर्स के लिए अच्छी खबर

मेटा के लिए नए फीचर की टेस्टिंग करने के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म एंड्रॉयड हो सकता है क्योंकि इसपर पहले ही थर्ड-पार्टी ऐप स्टोर्स का सपोर्ट मिलता है। सामने आया है कि मेटा ऐप डिवेलपर्स से किसी तरह का इन-ऐप रेवन्यू या प्रॉफिट शेयर नहीं लेगा। अगर ऐसा हुआ तो डिवेलपर्स के लिए प्ले स्टोर या ऐप स्टोर के बजाय फेसबुक का चुनाव अपनी ऐप्स की लिस्टिंग के लिए करना चाहेंगे। हालांकि, शुरू में चुनिंदा मार्केट्स में ही यह विकल्प मिल सकता है। 

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