Home World अमेरिका को भी हो गया यकीन, केवल भारत ही करवा सकता है रूस-यूक्रेन जंग का अंत, वजह भी बताई

अमेरिका को भी हो गया यकीन, केवल भारत ही करवा सकता है रूस-यूक्रेन जंग का अंत, वजह भी बताई

0
अमेरिका को भी हो गया यकीन, केवल भारत ही करवा सकता है रूस-यूक्रेन जंग का अंत, वजह भी बताई

[ad_1]

हाइलाइट्स

अमेरिका ने रूस के साथ भारत के विशेष संबंधों के महत्व को कबूल किया.
अमेरिका ने कहा कि भारत अपने रूस के संबंधों को खत्म नहीं करने वाला है.
अमेरिका को उम्मीद है कि भारत अपने संबंधों का उपयोग यूक्रेन की जंग को खत्म करने के लिए करेगा.

वाशिंगटन. अमेरिका ने रूस के साथ भारत के विशेष संबंधों के महत्व को कबूल करते हुए कहा है कि भारत अपने रूस के संबंधों को खत्म नहीं करने वाला है. अमेरिका ने कहा कि उसे उम्मीद है कि भारत अपने इन संबंधों का उपयोग यूक्रेन की जंग को खत्म करने की दिशा में करेगा. अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू (Donald Lu) ने रूस-यूक्रेन विवाद पर भारत के रुख पर अमेरिकी का ये नजरिया सामने रखा है. अमेरिकी राजनयिक ने कहा कि ‘मुझे नहीं लगता कि वे जल्द ही उन संबंधों को समाप्त करने जा रहे हैं, लेकिन हम उनसे बात कर रहे हैं कि वे इस संघर्ष में क्या भूमिका निभा सकते हैं.’

अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू ने जोर देकर कहा कि ‘भले ही यूक्रेन के मामले पर हमारा रोजाना एक ही नजरिया नहीं हो सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि हम इस लक्ष्य को साझा करते हैं कि यह युद्ध खत्म हो और यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर में सिद्धांतों के आधार पर समाप्त हो.’ उन्होंने ये भी कहा कि भारत के साथ मजबूत साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए वो भारत सरकार के अधिकारियों और सिविल सोसायटी से मिलेंगे. गौरतलब है कि भारत ने 1 दिसंबर को G20 की अध्यक्षता ग्रहण की है. अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन 1 मार्च को जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए नई दिल्ली के दौरे पर पहुंचेंगे.

Russia Ukraine War: यूक्रेन में शांति के लिए UNGA में प्रस्ताव पारित, भारत की राह पर चला चीन और वोटिंग से बनाई दूरी, इंडिया ने कही यह बात

मार्च में होने वाली विदेश मंत्रियों की आगामी बैठक G20 की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक है. बहरहाल यूक्रेन में युद्ध के एक साल पूरे हो गए हैं. अब G20 भारत की अध्यक्षता में इस बात को तय करेगा कि समूह किस आधार पर आगे बढ़ेगा. चीन और रूस समेत 20 देशों के विदेश मंत्रियों के समूह की बैठक में हिस्सा लेने के लिए ब्लिंकेन भारत पहुंचेगे. नई दिल्ली में चीनी विदेश मंत्री या रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ ब्लिंकन के बैठक की संभावनाओं के बारे में अमेरिकी अधिकारियों ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है.

Tags: America, India russia, India Russia bilateral relations, Russia ukraine war

[ad_2]

Source link