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पेरिस पहुंचे थे शहबाज शरीफ
डार ने शनिवार को सांसदों से कहा, ‘पेंडिंग रिव्यू को पूरा करने के अंतिम प्रयास के तहत पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच विस्तृत बातचीत हुई है।’ उन्होंने कहा कि अगले महीने से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए, सरकार 215 रुपए के नए कर लगाएगी। साथ ही खर्च में 85 अरब रुपए की कटौती करेगी। उनका कहना था कि इसके साथ ही राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए कई और उपाय भी किए जाएंगे। शुक्रवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आईएमएफ की मुखिया क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से मुलाकात की थी। वित्त मंत्री की तरफ से यह ऐलान उस मीटिंग के एक दिन बाद ही किया गया है।
30 जून को खत्म हो रहा प्रोग्राम
साल 2019 में आईएमएफ की विस्तारित फंड सुविधा (ईएफएफ) 30 जून को खत्म हो रही है। इसमें अब एक ही हफ्ता बचा है। इस साल फरवरी में कर्ज राहत कार्यक्रम के लिए आईएमएफ और पाकिस्तान सरकार के बीच नौंवी समीक्षा के लिए मीटिंग हुई थी। 6.5 अरब डॉलर के कर्ज के लिए हुई रिव्यू मीटिंग बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। पाकिस्तान, नवंबर 2022 से ही 1.1 अरब डॉलर की मदद राशि को हासिल करने की कोशिशें कर रहा है। डार ने कहा कि पाकिस्तान 215 अरब रुपए वाले नए कर लगाने के लिए राजी हो गया है।
एक बार फिर दिलाया भरोसा
ईएफएफ के तहत 9वीं समीक्षा को पूरा करने के लिए आईएमएफ के अधिकारियों के साथ तीन दिनों तक चली बातचीत के बाद इस पर रजामंदी बनी है। डार ने सांसदों को बताया कि सरकार आईएमएफ के साथ बातचीत को पूरी ईमानदारी के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने एक बार फिर भरोसा दिलाया कि जैसे ही आईएमएफ के साथ सबकुछ तय हो जाता है वित्त मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर समझौते की सारी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी।
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