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Jauhar Trust Land: समाजवादी पार्टी की सरकार में तत्कालीन काबीना मंत्री आजम खान के प्रभुत्व वाले जौहर ट्रस्ट को मात्र 100 रुपये सालाना किराए पर दी गई माध्यमिक शिक्षा विभाग की 41181 वर्ग फीट जमीन शिक्षा विभाग अब वापस लेने जा रहा है। इस संबंध में विभाग के प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है।
तत्कालीन सपा सरकार के मंत्रिपरिषद ने फरवरी 2007 में रामपुर के पुराने मुर्तजा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की 41181 वर्ग फीट जमीन को मौलाना मोहम्मद अली अली जौहर ट्रस्ट रामपुर को 30 वर्ष की अवधि के लिए मात्र 100 रुपये वार्षिक किराए पर पट्टे पर दिए जाने का प्रस्ताव पास किया था। विद्यालय के इस जमीन पर जिला विद्यालय निरीक्षक तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपुर का कार्यालय स्थापित था।
जौहर ट्रस्ट को यह जमीन व भवन देने में पट्टा विलेख की शर्तों का उल्लंघन किए जाने के संबंध में जिलाधिकारी रामपुर ने एक चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। जांच समिति की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद शासन ने उक्त भूमि को वापस लेते हुए उसका स्वामित्व राज्य सरकार (माध्यमिक शिक्षा विभाग) में निहित किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया है।(
करीबियों पर आफत
आजम खान के जेल जाने के बाद अब उनके ‘करीबियों’ पर आफत आ गई है। सपा सरकार में मलाई खाने वाले तमाम ठेकेदार अब आयकर के रडार पर हैं। इनमें से 12 ठेकेदारों के यहां शुक्रवार को इनकम टैक्स अधिकारियों ने छापामारी की। उनके यहां सर्च अभियान जारी है।
सपा सरकार में न सिर्फ रामपुर बल्कि, संभल, मुरादाबाद, लखनऊ, बरेली और सहारनपुर तक के ठेकेदारों ने यहां काम किया था। किसी ने जौहर यूनिवर्सिटी तो किसी ने आजम खां के हम सफर रिसॉर्ट तामीर कराया था। तमाम ठेकेदारों ने सरकारी ठेके आजम के करीबी होने के चलते लिए थे, लेकिन, अब आजम पर जब कानूनी शिकंजा कसा तो इन करीबियों पर भी आयकर की नजर टेड़ी हो गई है। इसी के चलते शुक्रवार को रामपुर शहर से लेकर कस्बा मिलक और देहात मुरसैना, अजीतपुर तक में छापामारी की गई।
रामपुर में आए दिन हो रही छापामारी
सपा नेता आजम की बदौलत रामपुर में आए दिन छापामारी हो रही है। कभी ईडी यहां आकर छापामारी करती है तो कभी आयकर वाले आकर तलाशी लेते हैं। यह रामपुर में अब रोज की बात हो गई है।
पिछले दिनों आजम के घर पड़ा था छापा
पिछले दिनों आजम खान के घर से लेकर यूनिवर्सिटी और हमसफर रिसॉर्ट तक में छापामारी हुई थी। करीब साठ घंटे तक चली कार्रवाई में सपा विधायक नसीर खां, डीसीबी के पूर्व चेयरमैन सलीम कासिम समेत ठेकेदार, उद्यमी आदि के यहां पूछताछ हुई थी।
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