Home World आतंक का मारा गरीब देश बुर्किना फासो, इस्लामिक चरमपंथियों ने फिर 44 को उतार दिया मौत के घाट

आतंक का मारा गरीब देश बुर्किना फासो, इस्लामिक चरमपंथियों ने फिर 44 को उतार दिया मौत के घाट

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आतंक का मारा गरीब देश बुर्किना फासो, इस्लामिक चरमपंथियों ने फिर 44 को उतार दिया मौत के घाट

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डकार : उत्तरी बुर्किना फासो में इस्लामिक चरमपंथियों ने कई हमलों में कम से कम 44 लोगों की हत्या कर दी। सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। साहेल क्षेत्र के गवर्नर लेफ्टिनेंट कर्नल पी एफ रोडोल्फे सोरगो ने एक बयान में कहा कि जिहादियों ने सेनो प्रांत में कूराकू और तोंदोबी गांवों पर हमला किया। सोरगो ने गुरुवार और शुक्रवार को किए गए हमलों को ‘घृणित और बर्बर’ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इलाके में शांति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से शांत रहने की अपील की है।

सोरगो ने कहा कि कूराकू में 31 और तोंदोबी में 13 लोग मारे गए हैं। स्थानीय अधिकारी ने कहा कि हत्याओं को अंजाम देने वाले सशस्त्र आतंकियों को एक सैन्य कार्रवाई के माध्यम से रोका जा सका। गवर्नर ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के प्रयास जारी हैं। ये दोनों हमले सेतेंगा गांव के पास हुए हैं जहां पिछले साल जून में एक भयानक हमले में 86 नागरिकों की मौत हो गई थी। बुर्किना फासो एक गरीब देश है जो अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े जिहादियों के सात साल पुराने अभियान से जूझ रहा है।

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साल की शुरुआत से हो रहे हमले

बुर्किना फासो में 2023 की शुरुआत से ही खूनी हमले काफी बढ़ गए हैं। देश के नए मिलिट्री चीफ ने गुरुवार को जिहादियों के खिलाफ ‘आक्रामक कदम’ उठाने की कसम खाई। पिछले हफ्ते उनकी नियुक्ति के बाद एक हैंडओवर समारोह के बाद कर्नल सेलेस्टिन सिम्पोर ने कहा, ‘पिछले कुछ हफ्तों से चल रही आक्रामक कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि सशस्त्र समूह अपने हथियार डालने के लिए मजबूर हो जाएं।

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2015 से जान गंवा चुके हैं 10 हजार लोग

सोरगो ने शनिवार को आम लोगों से सैन्य समर्थक आंदोलन फ्रंट फॉर द डिफेंस ऑफ द फादरलैंड (FDS) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। आंकड़ों के अनुसार, 2015 में जिहादियों के अभियान की शुरुआत के बाद से 10 हजार से अधिक नागरिक, सैनिक और पुलिसकर्मी मारे जा चुके हैं। इन हमलों ने करीब 20 लाख लोगों को विस्थापित कर दिया है। बुर्किना फासो में पिछले साल दो तख्तापलट हुए। सितंबर में सैन्य सरकार के नेता इब्राहिम ट्रैरे के सत्ता पर काबिज होने के बाद देश में राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठन की सभी गतिविधियों को निलंबित कर दिया गया।

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