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हाइलाइट्स
आषाढ़ कृष्ण अमावस्या तिथि की शुरूआत: 17 जून, शनिवार, सुबह 09 बजकर 11 मिनट से.
स्नान और दान का मुहूर्त: 18 जून, सुबह 07 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक.
इस साल आषाढ़ अमावस्या 18 जून रविवार को है. 17 जून को आषाढ़ की दर्श अमावस्या है. आषाढ़ अमावस्या के दिन पितरों की पूजा करते हैं. इस दिन आप पितृदोष और कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय कर सकते हैं. इस दिन किए गए ज्योतिष उपायों से आपका भाग्य भी चमक सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या के दिन स्नान और दान करने से पुण्य मिलता है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं आषाढ़ अमावस्या के दिन पितृ दोष, कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय और भाग्य को चमकाने का उपाय.
आषाढ़ अमावस्या 2023 शुभ मुहूर्त
आषाढ़ कृष्ण अमावस्या तिथि की शुरूआत: 17 जून, शनिवार, सुबह 09 बजकर 11 मिनट से
आषाढ़ कृष्ण अमावस्या तिथि की समाप्ति: 18 जून, रविवार, सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर
स्नान और दान का मुहूर्त: 18 जून, सुबह 07 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक
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आषाढ़ अमावस्या 2023 कालसर्प दोष के ज्योतिष उपाय
1. यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है तो आषाढ़ अमावस्या को भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करें. यह पूजा राहुकाल में करनी होती है क्योंकि कुंडली में राहु और केतु की विशेष स्थिति के कारण कालसर्प दोष पैदा होता है.
2. इसके अलावा आप अमावस्या के दिन सुबह स्नान करने के बाद नदी के तट पर नाग और नागिन के जोड़े की पूजा करें. नाग और नागिन का जोड़ा सोना या चांदी का बनवा सकते हैं. पूजा के बाद उस जोड़े को नदी के जल में प्रवाहित कर दें. ऐसा करने से भी कालसर्प दोष दूर होता है.
आषाढ़ अमावस्या 2023 पितृ दोष उपाय
1. पितृ दोष से मुक्ति का उपाय यह है कि आप सुबह स्नान के बाद पितरों को जल से तर्पण दें. उनके देव अर्यमा की पूजा करें. पितरों के निमित्त वस्त्र, अन्न आदि का दान किसी गरीब ब्राह्मण को करें.
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2. पितृ दोष का एक उपाय यह भी है कि आप पूजा के समय पितृ स्तोत्र का पाठ करें. इससे आपके पितर प्रसन्न होंगे. यह संस्कृत में है, इसलिए जो लोग संस्कृत नहीं पढ़ सकते हैं, उनको परेशानी हो सकती है.
3. पितृ दोष के निवारण के लिए पंचबलि भोग या क्रिया कर सकते हैं. इसमें कुत्ता, गाय, कौआ आदि को भोजन का अंश देते हैं.
आषाढ़ अमावस्या 2023 भाग्य मजबूत करने के उपाय
1. आषाढ़ अमावस्या को आप आटे में चीनी मिलाकर काली चींटियों को खिला दें. इससे आपके पाप नष्ट होंगे और पुण्य के बढ़ने से भाग्य प्रबल होगा.
2. आषाढ़ अमावस्या को शाम ईशान कोण में एक दीपक जलाएं. इसके लिए लाल रंग के धागे से बत्ती बनाएं और गाय के घी का उपयोग करें. उसके केसर मिला लें. ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होंगी और आपके धन-वैभव में वृद्धि होगी.
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Tags: Astrology, Dharma Aastha
FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 12:28 IST
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