Home Life Style इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से हैं परेशान? राहत पाने के लिए 5 उपाय करें फॉलो, दुरुस्त होगा पाचन-तंत्र

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से हैं परेशान? राहत पाने के लिए 5 उपाय करें फॉलो, दुरुस्त होगा पाचन-तंत्र

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इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से हैं परेशान? राहत पाने के लिए 5 उपाय करें फॉलो, दुरुस्त होगा पाचन-तंत्र

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हाइलाइट्स

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (आईबीएस) पेट से जुड़ी समस्या है, जो पाचन तंत्र को पूरी तरह से प्रभावित करती है.
यह बीमारी आंतों में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने से होती है, जिससे पेट में दर्द, गैस, सूजन जैसी समस्याएं होती हैं.

Remedies for irritable bowel syndrome: अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत खानपान कई तरह की बीमारियों को बुलावा देने के लिए काफी है. ऐसी ही एक बीमारी का नाम है इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम. आईबीएस (इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम) पेट से जुड़ी एक समस्या है, जो पाचन तंत्र को प्रभावित करती है. यह बीमारी आंतों में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने की वजह से होती है. इस परेशानी में पीड़ित के पेट में दर्द, गैस, सूजन, कब्ज और डायरिया जैसी समस्याएं होती हैं. इसकी गंभीरता इतनी होती है कि उठने-बैठने में भी परेशानी हो सकती है. इससे निजात पाने के लिए लोग बाजार से महंगी दवाओं का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ घरेलू उपाय भी आपकी मदद कर सकते हैं. आइए बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ के आयुर्वेदाचार्य डॉ. जितेंद्र शर्मा से जानते हैं इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से छुटकारा पाने के उपाय-

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से छुटकारा पाने के 5 आसान उपाय

अदरक: पेट से जुड़ी कई परेशानियों से निजात पाने के लिए अदरक बेहद फायदेमंद मानी जाती है. बता दें कि, इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण मौजूद होते हैं, जो पेट की समस्याओं को दूर कर पाचन तंत्र को दुरुस्त करने का काम करते हैं. साथ ही अदरक में जिंजरोल मौजूद होता है, जो पाचन क्रिया और बॉवेल मूवमेंट को बेहतर रखता है. अदरक का नियमित सेवन करने से गैस, अपच, कब्ज और पेट में ऐंठन जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है. इस परेशानी से बचने के लिए आप अदरक की चाय का सेवन कर सकते हैं.

त्रिफला: पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए त्रिफला बेहद असरदार माना जाता है. आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल शरीर की कई समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है. दरअसल, त्रिफला 3 आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों आंवला, हरीतकी और बिभीतकी को मिलाकर बनता है. इसमें कई ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने का काम करते हैं. इसका सेवन करने से यह मल को सॉफ्ट बनाता है, जिससे पेट आसानी से साफ हो जाता है. त्रिफला चूर्ण का सेवन आप रात में सोने से पहले गुनगुने पानी से कर सकते हैं.

हींग: खाने का स्वाद बढ़ाने वाली हींग पेट से जुड़ीं बीमारियों को दूर करने में असरदार मानी जाती है. दरअसल, हींग में मौजूद औषधीय गुण पाचन अग्नि को बढ़ाने का काम करते हैं. इसका नियमित सेवन करने से गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है. इसके लिए एक चुटकी हींग को अजवाइन और काले नमक के साथ मिलाकर खाना फायदेमंद होता है. ऐसा करने से जल्द ही आईबीएस की समस्या से छुटकारा मिल सकता है.

घी-गुड़: घी और गुड़ दोनों की सेहत के लिए लाभकारी माने जाते हैं. बता दें कि, गाय के घी के साथ गुड़ का सेवन आईबीएस की समस्या में काफी लाभकारी साबित हो सकता है. दरअसल, घी एक नैचुरल लैक्सेटिव है, जो मल को नर्म बनाने का काम करता है. इसके अलावा, यह पेट की सूजन को कम करने में भी मदद करता है. यदि आप इन दोनों को मिलाकर खाते है तो बॉवेल मूवमेंट सही रहता है और पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है.

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इसबगोल: हींग, घी और गुड़ के साथ इसबगोल भूसी भी पाचनतंत्र को दुरुस्त करने का काम करती है. बता दें कि, पाचन संबधी समस्याओं में इसबगोल की भूसी दवा का काम करती है. इसमें फाइबर और लैक्सेटिव गुण मौजूद होते हैं, जो मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाते हैं. इससे आपको कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल सकता है. इसके लिए आप रात में सोने से पहले ईसबगोल की भूसी का सेवन पानी या दूध के साथ कर सकते हैं.

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