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हाइलाइट्स
कुल्थी की दाल में प्रोटीन और फाइबर का खजाना है. सौ ग्राम कुलथी की दाल में 22 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है.
कुल्थी की दाल में डाइट्री फाइबर पेट में स्टूल कंटेंट को हल्का कर देता है
Horse Gram Cure Haemorrhoids : पाइल्स बेहद खतरनाक बीमारी होती है जिसमें गुदा द्वार की नसों में सूजन आ जाती है. इससे मरीज को बेपनाह दर्द होता है. पाइल्स या बवासीर ऐसी बीमारी है जो वर्षों तक मरीज के साथ रहती है. इससे मरीज के जीवन की गुणवत्ता भी कम हो जाती है. खाने-पीने पर भी लोगों का लगाम लग जाता है. क्योंकि थोड़ा सा भी मसालेदार भोजन कर लिया तो मरीज को स्टूल पास करने के दौरान भारी तकलीफ से गुजरना पड़ता है. पाइल्स के इलाज में अक्सर फाइबर युक्त भोजन का सेवन करने के लिए कहा जाता है. लोग बवासीर को कम करने के लिए तरह-तरह की चीजें खाने की सलाह देते हैं लेकिन कुल्थी की दाल इसका रामबाण इलाज हो सकता है. आयुर्वेद में सदियों से कुल्थी की दाल से पाइल्स का इलाज किया जाता रहा है लेकिन अब विज्ञान भी इसे प्रमाणित कर रहा है.
एनसीबीआई यानी अमेरिकन नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफोर्मेशन के मुताबिक कुल्थी की दाल बेहद पौष्टिक खाद्य पदार्थ है जिससे किडनी स्टोन, यूरेनरी डायबिटीज सहित पाइल्स का इलाज भी किया जा सकता है. अगर नियमित रूप से कुल्थी की दाल का सेवन किया जाए तो पाइल्स के लक्षण बहुत जल्दी कम होने लगेंगे.
कैसे असर करती है कुल्थी की दाल
टीओआई की खबर के मुताबिक कुल्थी की दाल में प्रोटीन और फाइबर का खजाना है. सौ ग्राम कुलथी की दाल में 22 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है. इसके अलावा अन्य कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसलिए इससे कुपोषण को दूर किया जा सकता है. कुल्थी की दाल में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है जो मेटाबोलिज्म को बूस्ट करता है. मेटाबोलिज्म के बूस्ट होने के कारण पेट में डाइजेशन बहुत आसानी से हो जाता है. पाइल्स में सबसे अधिक दिक्क्त तब होती है जब पाचन खराब हो. इससे स्टूल हार्ड हो जाता है जिसे पास करने में बहुत अधिक दर्द होता है. कुल्थी की दाल में डाइट्री फाइबर पेट में स्टूल कंटेंट को हल्का कर देता है जिसके कारण पाइल्स के मरीजों को स्टूल पास करने में आसानी होती है. इस स्थिति में स्टूल पास करने के समय दर्द नहीं होता है.
कुल्थी की दाल का कैसे करें इस्तेमाल
चूंकि यह साबित हो गया है कि कुल्थी की दाल से पाइल्स का इलाज आसानी से किया जा सकता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि कुल्थी की दाल का इस्तेमाल कैसे किया जाए. इसका इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले रात में कुल्थी की दाल को पानी में भींगने के लिए छोड़ दें. सुबह उठकर इसका पानी पी लें. इसके कुछ ही समय बाद आपको राहत महसूस होने लगेगी. वैसे कुल्थी की दाल को बनाने के लिए कुछ देर पहले यदि पानी में भींगा देंगे और तब इसे उबालेंगे तो इससे काफी फायदा होगा.
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Tags: Health, Health tips, Kidney, Lifestyle
FIRST PUBLISHED : April 24, 2023, 13:51 IST
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