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उबुद: इंडोनेशिया के प्रांत बाली के उबुद इलाके के छोटे से गांव बेदुलु में स्थित गोवा गजह मंदिर बेहद रहस्यमय है. यह बाली द्वीप की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रमाण के रूप में खड़ा है. मंदिर को हाथी गुफा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. यह रहस्यों से घिरा एक प्राचीन स्थल है. मंदिर की जटिल नक्काशी और शांत वातावरण इसे एक बेहतरीन गंतव्य बनाती है. आइए इस खूबसूरत मंदिर की कई रोचक कहानियां जानते हैं…
गोवा गजह मंदिर की उत्पत्ति का इतिहास बेहद रोचक है. ऐसा कहा जाता है कि यह मंदिर 9वीं शताब्दी में क्षेत्र में रहने वाले भिक्षुओं के लिए एक ध्यान अभयारण्य के रूप में बनाया गया था. इसके आगे वाले भाग की जटिल नक्काशी पौराणिक आकृतियों और जानवरों को दर्शाती है. मंदिर पर हिंदू और बौद्ध धर्म का अत्यधिक प्रभाव है.
मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक नक्काशीदार राक्षस जैसा चेहरा है, जो पॉजिटिव आत्मा भोमा का प्रतीक है. मंदिर के केंद्रीय कक्ष में एक ध्यान गुफा है, जहां हिंदू देवता भगवान गणेश की एक मूर्ति है. यह गुफा इस क्षेत्र में कैसे और कब प्रकट हुई, यह कोई नहीं जानता. गुफा की उत्पत्ति अभी भी एक रहस्य है. हालांकि, एक कहानी के अनुसार, इसका निर्माण केबो इवा नामक दैत्य के नाखून से हुआ था. इस कहानी के अनुसार, मंदिर लगभग 11वीं शताब्दी का है.
गोवा गजह मंदिर हिंदू और बौद्ध दोनों के लिए अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व रखता है. मंदिर के नाम की उत्पत्ति पास की पेटनु नदी से हुई है, जिसका पानी मंदिर के परिसर से होकर बहा करता था, जो हाथी के आकार जैसा दिखता था. तभी इसको हाथी गुफा मंदिर के नाम से भी जाना जाने लगा. मंदिर परिसर में सुंदर बगीचे भी हैं. रास्ते में देवी-देवताओं और पौराणिक प्राणियों की मूर्तियां हैं जो अविश्वसनीय लगती हैं. आसपास की प्रकृति शांति और सूुकून देती है.
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Tags: Buddhist, Ganesh, Hindu, Temple
FIRST PUBLISHED : August 24, 2023, 10:43 IST
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