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हाइलाइट्स
मंगला गौरी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 08:57 बजे से लेकर दोपहर 02:10 बजे तक है.
श्री मंगला गौरी मंत्र ॐ गौरीशंकराय नमः का 108 बार जाप करना चाहिए.
सावन का पहला मंगला गौरी व्रत 4 जुलाई दिन मंगलवार को है. इस दिन से सावन माह का शुभारंभ हो रहा है. सावन माह के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है. इस व्रत को कुंआरी कन्याएं और सुहागन महिलाएं रखती हैं. उस दिन माता गौरी, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करते हैं. जिनकी कुंडली में मंगल दोष होता है, उनको भी मंगला गौरी व्रत रखना चाहिए. इससे मंगल दोष दूर होगा और शीघ्र ही विवाह के योग बनेंगे. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं मंगला गौरी व्रत का पूजा मुहूर्त और ज्योतिष उपायों के बारे में.
मंगला गौरी व्रत 2023 तिथि, नक्षत्र और योग
सावन के पहले मंगला गौरी व्रत के दिन सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है. यह तिथि दोपहर 01:38 बजे तक है. उस दिन प्रात:काल से सुबह 11:50 बजे तक इंद्र योग, पूर्वाषाढा नक्षत्र सुबह 08:25 बजे तक है. उसके बाद से उत्तराषाढा नक्षत्र है.
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त्रिपुष्कर योग में मंगला गौरी व्रत
सावन का पहला मंगला गौरी व्रत त्रिपुष्कर योग में है. इस योग में पूजा पाठ का तीन गुना फल प्राप्त होता है. मंगला गौरी व्रत वाले दिन त्रिपुष्कर योग दोपहर 01:38 बजे से अगली सुबह 05:28 बजे तक है.
मंगला गौरी व्रत 2023 पूजा मुहूर्त
4 जुलाई को मंगला गौरी व्रत की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 08:57 बजे से लेकर दोपहर 02:10 बजे तक है. इसमें भी लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 12:25 बजे से दोपहर 02:10 बजे तक है.
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मंगला गौरी के उपाय
1. यदि मंगल दोष के कारण आपके विवाह में देरी हो रही है तो आपको मंगला गौरी व्रत और पूजा विधिपूर्वक करना चाहिए. श्री मंगला गौरी मंत्र ॐ गौरीशंकराय नमः का 108 बार जाप करना चाहिए. पूजा के बाद मां गौरी के चरण सिंदूर से माथे पर तिलक लगाएं. इस उपाय से विवाह का योग बनेगा और मंगल दोष दूर होगा.
2. सुहागन महिलाएं मंगला गौरी व्रत के दिन माता गौरी को सुहाग की पिटारी यानि 16 श्रृंगार की सामग्री जैसे सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, मेहदी, महावर, लाल चुनरी आदि चढ़ाएं. उसके बाद मंगला गौरी व्रत कथा पढ़ें. माता गौरी से अखंड सौभाग्य की प्रार्थना करें. उनके आशीर्वाद से आपके पति की आयु लंबी होगी और संतान सुख प्राप्त होगा.
3. सावन के मंगलवार को एक लाल कपड़े में 2 मुट्ठी मसूर की दाल बांध दें. फिर उसे किसी भिखारी या जरूरतमंद को दान कर दें. ऐसा करने से कुंडली का मंगल दोष दूर होता है.
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Tags: Astrology, Dharma Aastha, Sawan
FIRST PUBLISHED : June 30, 2023, 12:15 IST
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