[ad_1]
हाइलाइट्स
सीता नवमी राम नवमी से ठीक एक माह बाद आती है.
सीता जी के पिता मिथिला के राजा जनक जी थे, इसलिए सीता जी को जानकी भी कहा जाता है.
सीता नवमी के दिन सुहागन महिलाएं व्रत रखती हैं और माता सीता के साथ भगवान श्रीराम की पूजा करती हैं.
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी मनाते हैं. इस तिथि को माता सीता का जन्म हुआ था. इस वजह से इस दिन को सीता जयंती भी कहते हैं. सीता जी के पिता मिथिला के राजा जनक जी थे, इसलिए सीता जी को जानकी भी कहा जाता है. इस तरह से सीता नवमी जानकी नवमी के नाम से भी जानी जाती है. सीता नवमी राम नवमी से ठीक एक माह बाद आती है. चैत्र शुक्ल नवमी को भगवान राम का जन्म हुआ था और वैशाख शुक्ल नवमी को माता सीता की उत्पत्ति हुई थी. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं सीता नवमी की तिथि, पूजा मुहूर्त, शुभ योग आदि के बारे में.
सीता नवमी 2023 तिथि मुहूर्त
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का प्रारंभ 28 अप्रैल दिन शुक्रवार को शाम 04 बजकर 01 मिनट से हो रहा है. यह तिथि अगले दिन 29 अप्रैल शनिवार को शाम 06 बजकर 2 मिनट पर खत्म हो जाएगी. ऐसे में उदयातिथि की मान्यता के अनुसार सीता नवमी 29 अप्रैल को मनाई जाएगी.
यह भी पढ़ें: कब बन रहा दुर्लभ गुरु पुष्य योग? सोना खरीद चमकाएं किस्मत, कभ खत्म नहीं होगा धन, देखें शुभ मुहूर्त
सीता नवमी 2023 पूजा मुहूर्त
29 अप्रैल को सीता नवमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 19 मिनट से प्रारंभ हो रहा है और यह दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. ऐसे में सीता नवमी के दिन पूजा के लिए 2 घंटे 37 मिनट का समय मिलेगा.
रवि योग में मनेगी सीता नवमी
इस साल 29 अप्रैल को सीता नवमी वाले दिन रवि योग बना है. इस दिन रवि योग दोपहर 12 बजकर 47 मिनट से प्रारंभ हो रहा है और यह अगले दिन 30 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 05 मिनट तक है. इस दिन का शुभ समय यानि अभिजित मुहूर्त दिन में 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक है.
सीता नवमी का महत्व
सीता नवमी के दिन सुहागन महिलाएं व्रत रखती हैं और माता सीता के साथ भगवान श्रीराम की पूजा करती हैं. इस व्रत को करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है. पति को लंबी आयु प्राप्त होती है.
यह भी पढ़ें: बुद्ध पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण, 3 राशिवालों की खुलेगी किस्मत, नई नौकरी, प्रमोशन, धन लाभ होगा
सीता नवमी के उपाय
1. सीता नवमी के दिन सुहागन महिलाएं माता सीता को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. इससे उनको अखंड सौभाग्य प्राप्त होगा.
2. सुखी दांपत्य जीवन के लिए पति और पत्नी साथ में माता सीता और भगवान राम की पूजा करें. इससे वैवाहिक जीवन सुखद और शांतिपूर्ण रहेगा.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|
Tags: Dharma Aastha, Religion
FIRST PUBLISHED : April 25, 2023, 15:05 IST
[ad_2]
Source link