हाइलाइट्स
19 दिसम्बर 1997 में आई फिल्म ‘टाइटैनिक’ को हुए 25 साल.
जेम्स कैमरून ने इस क्लासिक फिल्म पर पानी की तरह बहाया था रुपया.
मुंबई. साल 1997…सिनेमाघरों में एक ऐसी कलासिक फिल्म आई, जिसने लोगों को सिनेमा की नई दुनिया से रूबरू करवाया. कहानी की शुरुआत से अंत तक फिल्म को इस तरह गढ़ा गया कि दर्शकों के जेहन में हर दृश्य समा गया. यह मास्टरपीस थी फिल्म ‘टाइटैनिक’ (Titanic), जिसे दिग्गज फिल्ममेकर जेम्स कैमरून ने निर्देशित किया था. यह उस समय की सबसे महंगी फिल्म थी और खास बात यह है कि अब भी इस फिल्म की गिनती टॉप 3 महंगी फिल्मों में होती है. यानी पानी के बीच तबाही पर बनी इस फिल्म पर पानी की तरह रुपया बहाया गया. आज यह सिल्वर जुबली मना रही है. आइए, इस मौके पर ओवर बजट फिल्म के खर्चों पर बात करते हैं…
अपनी इस फिल्म से पूरी दुनिया को हिलाने वाले जेम्स कैमरून ने इस फिल्म को बनाने के लिए असल विषय को चुना था. साल 1912 में साउथटैम्प्टन से पहली बार चला आरएमएस टाइटैनिक जहाज डूब गया था और कई लोगों ने इसमें अपनी जिंदगी खो दी थी. इसी त्रासदी पर जेम्स ने फिल्म बनाने का निर्णय लिया. लेकिन जेम्स इसे पूरी तरह से दुखांतिका की तरह नहीं दिखाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इसके साथ लव स्टोरी जोड़ दी.
जेम्स ने हर बारीकी पर बहाया रुपया
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि असल टाइटैनिक जहाज को बनाने में जितने रुपये खर्च हुए थे, उससे 25 गुना ज्यादा रुपये फिल्म को बनाने में खर्च किए गए थे. चूंकि फिल्म की मेकिंग में हर बारीकी पर ध्यान दिया गया था, इसलिए फिल्म का बजट भी समय के साथ बढ़ता गया. जेम्स ने जहाज में जो कार्पेट दिखाए, वह उसी कारीगर ने बनाए थे, जिसने असल टाइटैनिक के लिए बनाए थे. वहीं, फिल्म के एक सीन में जहाज को डूबता दिखाने के लिए एक करोड़ लीटर पानी का इस्तेमाल किया गया था. जाहिर है, ये बारीकियां दिखाने के लिए रुपये काफी खर्च हुए. इस फिल्म को बनाने में कुल खर्चा 1250 करोड़ रुपये का खर्चा आया था, जबकि असल जहाज की कीमत 47 करोड़ रुपये थी. समीकरण बैठाया जाए तो हर दृश्य के फिल्मांकन पर करीब 6.57 करोड़ रुपये खर्च हुए.
जान की परवाह किए बगैर पानी में कूदे जेम्स
जेम्स कैमरून इस फिल्म को बनाने में कितना डूबे थे, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अंडरवॉटर सीन के शूट के लिए वे खुद समुद्र में कूद पड़े थे. जेम्स ने 1995 से ही इस फिल्म पर काम करना शुरू कर दिया था. असल टाइटैनिक के फुटेज लाने के लिए उन्होंने 12 हजार फीट से भी ज्यादा गहराई में गोते लगाए. इसके लिए वे 12 बार सबमरीन के सहारे समुद्र के अंदर गए और इस प्रक्रिया में भी काफी रुपये खर्च किए गए.
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Tags: Hollywood movies, James cameron
FIRST PUBLISHED : December 19, 2022, 14:10 IST