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हाइलाइट्स
नाग पंचमी पर सावन सोमवार व्रत भी होगा.
पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 53 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 30 मिनट तक है.
सावन का महीना कालसर्प दोष मुक्ति के लिए अच्छा माना गया है.
नाग पंचमी हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है. इस साल नाग पंचमी की तिथि 21 अगस्त सोमवार को 12:21 ए एम से शुरू होकर 22 अगस्त को 02:00 ए एम पर खत्म हो रही है. उदयातिथि के आधार पर इस साल नाग पंचमी का पर्व 21 अगस्त सोमवार को मनाया जाएगा. इस दिन सावन सोमवार व्रत भी होगा. नाग पंचमी के अवसर पर कालसर्प दोष से मुक्ति का उपाय करते हैं, जिससे व्यक्ति के जीवन में परेशानियों का अंत होता है. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं नाग पंचमी के पूजा मुहूर्त और कालसर्प दोष से मुक्ति के उपायों के बारे में.
नाग पंचमी 2023 पूजा का शुभ मुहूर्त
इस साल नाग पंचमी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 53 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 30 मिनट तक है. 21 अगस्त को नाग देवता की पूजा के लिए ढाई घंटे से अधिक का समय मिलेगा. नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने से परिवार की सुरक्षा होती है. सर्प से भय दूर होता है.
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क्या होता है कालसर्प दोष?
जब कुंडली में राहु और केतु 180 डिग्री पर आमने-सामने आ जाते हैं और बाकी 7 ग्रह इनके दूसरी तरफ हो जाते हैं. तब कालसर्प दोष होता है. कालसर्प दोष 12 प्रकार के होते हैं. राशियों के लग्न और योगों के देखें तो 288 तरह के कालसर्प योग बन सकते हैं.
नाग पंचमी 2023 कालसर्प दोष के उपाय
1. यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष बना हुआ है और आप इससे पीड़ित हैं तो इस साल नाग पंचमी पर उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में जाकर पूजा करें. यह मंदिर साल में केवल एक दिन नाग पंचमी को खुलता है. कहा जाता है कि यहां पर पूजा और दर्शन करने से कालसर्प दोष मिटता है और सर्प भय खत्म होता है.
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2. सावन का महीना कालसर्प दोष मुक्ति के लिए अच्छा माना गया है. कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए राहुकाल में भगवान शिव की पूजा किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से कराएं. भगवान शिव की कृपा से कालसर्प दोष मिट जाएगा.
3. कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए अमावस्या या नाग पंचमी पर चांदी के नाग और नागिन के जोड़े की पूजा करें. उसके बाद कालसर्प दोष से मुक्ति की प्रार्थना करते हुए उसे नदी के जल में प्रवाहित कर दें. कालसर्प दोष का भय खत्म होगा.
4. कालसर्प दोष से पीड़ित लोगों को भगवान भोलेनाथ की पूजा करनी चाहिए और शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. महाकाल के आशीर्वाद से आप का कल्याण होगा.
5. भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि भगवान श्रीकृष्ण की ऐसी मूर्ति या तस्वीर हो, जिसमें उन्होंने मोर मुकुट धारण किया हो.
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Tags: Astrology, Dharma Aastha, Sawan
FIRST PUBLISHED : August 04, 2023, 08:00 IST
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