Home Life Style किस समस्या के लिए कितने मुखी रुद्राक्ष धारण करें? जानें 1 से 14 मुखी रुद्राक्ष का मंत्र, महत्व और पहनने की विधि

किस समस्या के लिए कितने मुखी रुद्राक्ष धारण करें? जानें 1 से 14 मुखी रुद्राक्ष का मंत्र, महत्व और पहनने की विधि

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किस समस्या के लिए कितने मुखी रुद्राक्ष धारण करें? जानें 1 से 14 मुखी रुद्राक्ष का मंत्र, महत्व और पहनने की विधि

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हाइलाइट्स

रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से मानी जाती है.
रुद्राक्ष धारण करने से कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है.

How To Wear Rudraksha : हिन्दू धर्म में रुद्राक्ष को बेहद पवित्र माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार रुद्राक्ष का सीधा संबंध भगवान शिव से है. मान्यता के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है. भगवान शिव से संबंध होने के कारण रुद्राक्ष हिंदू धर्म में आस्था और विश्वास का प्रतीक है. मान्यता है कि रुद्राक्ष को धारण करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और सारे संकट कट जाते हैं. तो चलिए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कौन और कब धारण कर सकता है रुद्राक्ष, और रुद्राक्ष धारण करने के दौरान किन बातों का ध्यान में रखना चाहिए.

क्या होता है रुद्राक्ष
रुद्राक्ष एक पेड़ के फल की गुठली है. हिन्दू धर्म में रुद्राक्ष का उपयोग औषधि में भी किया जाता है, साथ ही इसका आध्यात्मिक महत्व भी होता है. माना जाता है कि रुद्राक्ष को धारण करने से कई प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलती है. साथ ही रुद्राक्ष अकाल मृत्यु और शत्रु बाधा से भी रक्षा करता है. अभी तक कुल मिलाकर 14 मुखी रुद्राक्ष पाए गए हैं. इन 14 रुद्राक्ष के अलावा गौरीशंकर और गणेश रुद्राक्ष भी पाए जाते हैं.

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कैसे धारण करें रूद्राक्ष
रुद्राक्ष को लाल या पीले रंग के धागे में धारण करना चाहिए.
रुद्राक्ष को पूर्णिमा, अमावस्या या सोमवार को धारण करना सबसे श्रेष्ठ माना गया है.
सावन के महीने में रुद्राक्ष को कभी भी धारण किया जा सकता है.
यदि आप रुद्राक्ष को माला के रूप में पहन रहे हैं तो इसमें 27, 54 या 108 की संख्या में रुद्राक्ष की दाने होने चाहिए.

रुद्राक्ष का दाना या माला लेकर इसे गंगाजल में डालकर रखते दें, इसके बाद चंदन, अक्षत, धूप-दीप से इसका पूजन करें.
पूजन के बाद “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 11 बार जप करें और 108 बार हवन करें.
फिर रुद्राक्ष को शिवलिंग से स्पर्श कराकर “ॐ नमः शिवाय” का जप करते हुए पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके इसे धारण कर लें.

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1 से 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करने के मंत्र
1. मुखी रुद्राक्ष- लक्ष्मी प्राप्ति, भोग एवं मोक्ष के लिए “ॐ हीं नम:” धारण मंत्र के साथ पहनें.
2. मुखी रुद्राक्ष- कामनाओं की पूर्ति के लिए धारण मंत्र-“ॐ नम:” के साथ पहनें.
3. मुखी रुद्राक्ष -विद्या प्राप्ति के लिए धारण मंत्र-“ॐ क्लीं नम:” को बोलकर पहनें.
4. मुखी रुद्राक्ष -धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष प्राप्ति के लिए धारण मंत्र-“ॐ ह्वीं नम:” का स्मरण कर पहनें.
5. मुखी रुद्राक्ष -मुक्ति एवं मनोवांछित फल हेतु धारण मंत्र- “ॐ हीं क्लीं नम:” के साथ पहनें.
6 मुखी रुद्राक्ष-पाप से मुक्ति हेतु मंत्र-“ॐ हीं हुं नम:” के साथ धारण करें.
7. मुखी रुद्राक्ष – ऐश्वर्यशाली होने के लिए मंत्र – “ॐ हुँ नमः” का ध्यान कर इस रुद्राक्ष को धारण करें.
8. मुखी रुद्राक्ष-लंबी आयु प्राप्ति के लिए “ॐ हुं नम:” धारण मंत्र के साथ पहने.
9. मुखी रुद्राक्ष से सभी कामना पूर्ण होती हैं. इसे बाएं हाथ में “ॐ ह्वीं हुं नम:” मंत्र के साथ धारण करें.
10. मुखी रुद्राक्ष संतान प्राप्ति हेतु मंत्र-“ॐ हीं नमः” के साथ पहनें.
11. मुखी रुद्राक्ष सर्वत्र विजय प्राप्त करने हेतु इस धारण मंत्र-“ॐ हीं हुं नम:” के साथ पहनें.
12. मुखी रुद्राक्ष रोगों में लाभ हेतु मंत्र-“ॐ क्रौं क्षौं री नम:” के साथ पहनें.
13. मुखी रुद्राक्ष सौभाग्य एवं मंगल की प्राप्ति के लिए मंत्र”ॐ हीं नमः” के साथ पहनें.
14. मुखी रुद्राक्ष समस्त पापों का नाश करता है. इसे धारण मंत्र-“ॐ नम:” के साथ पहनें.
इसके अलावा एक गौरीशंकर रुद्राक्ष भी होता है. यह समस्त प्रकार के सुख प्रदान करने वाला होता है.
इसे बिना किसी मंत्र के मात्र शुद्धि कर धारण कर सकते हैं.

Tags: Astrology, Religion, Rudraksh

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