Home World कुरान जलाने की दी थी इजाजत, अब स्‍वीडन में आतंकी हमलों की आशंका, अलर्ट जारी

कुरान जलाने की दी थी इजाजत, अब स्‍वीडन में आतंकी हमलों की आशंका, अलर्ट जारी

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कुरान जलाने की दी थी इजाजत, अब स्‍वीडन में आतंकी हमलों की आशंका, अलर्ट जारी

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स्‍टॉकहोम. स्‍वीडन में भीषण आतंकी हमले हो सकते हैं. यूरोपीय खुफिया एजेंसियों ने गुरुवार को कहा कि कुरान जलाने की घटना के बाद से मुस्लिम देश नाराज हैं और अब भीषण आतंकी हमले हो सकते हैं. उन्‍होंने अपने अलर्ट के लेवल को 4 तक बढ़ा दिया है. अलर्ट लेवल 5 सबसे अधिक खतरनाक माना जाता है. इससे पहले स्‍वीडन के पीएम उल्फ क्रिस्टरसन ने भी आतंकी हमलों की चिंता जाहिर की थी. उन्‍होंने कहा था कि ऐसे प्रदर्शनों की अनुमति यहां की पुलिस देती है, और उसके लिए भी नियम हैं. इन अनुमति पर सरकार का सीधा संबंध नहीं होता है.

प्रधान मंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम जानते हैं कि योजनाबद्ध आतंकवादी कृत्यों को रोक दिया गया है.” “ये वे लोग हैं जिन्हें बस गिरफ्तार कर लिया गया है. स्‍वीडन सुरक्षा पुलिस के चीफ चार्लोट वॉन एसेन ने कहा है कि आतंकी हमले को लेकर हाई लेवल का अलर्ट जारी किया गया है. यह कभी भी हो सकता है, इसके लिए सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी है. इससे पहले 2016 में भी इसी तरह का अलर्ट जारी किया गया था. पुलिस के चीफ चार्लोट ने कहा कि इस बार खतरा अधिक दिनों तक बना रह सकता है. यह अलर्ट सामूहिक तौर जांच के बाद जारी किया गया है.

कुरान जलाये जाने की घटना को बताया था इस्लामोफोबिक कृत्य
स्वीडन सरकार ने कुरान जलाये जाने की घटना को इस्लामोफोबिक कृत्य बताया है. इस्लामिक संगठन के देशों से मिली कड़ी प्रतिक्रिया के बाद से सरकार ने सफाई में कहा, ‘हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं. कुरान या किसी भी पवित्र को जलाना घृणित, अपमानजनक और एक उकसावे वाला कृत्य है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘नस्लवाद, जेनोफोबिया या ऐसे किसी उकसावे का स्वीडन या किसी भी यूरोपीय देश में इसका स्थान नहीं है.’

OIC ने जताई थी आपत्ति, स्‍वीडन की यह घटना घृणा पैदा करने वाली
OIC की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया, ‘हम इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सभी देश संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुरूप दुनिया के सभी लोगों के लिए मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करे. सभी देशों में रंग, भाषा, लिंग, नस्‍ल धर्म और राजनीति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और उन्‍हें मानवाधिकर मिलें. स्‍वीडन की यह घटना घृणा पैदा करने वाली है. यह इस्‍लामिक मूल्‍यों, प्रतीकों और उनकी पवित्रता का उल्‍लंघन करने जैसा है.’

Tags: Denmark, Europe, Quran, Sweden team

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