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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को बदलती वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति से सीखना चाहिए। रक्षा मंत्री ने भारतीय वायु सेना के शीर्ष अधिकारियों से तैयारियों को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देने के लिए कहा। अपने बयान में रक्षा मंत्री ने कहा कि तीनों सशस्त्र सेवाओं को एक साथ मिल कर सुरक्षा की चुनौतियों से निपटना चाहिए। राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में दो दिवसीय वायु सेना कमांडरों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने रक्षा मंत्री को वायु सेना की परिचालन तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
रक्षा मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में सिंह के हवाले से कहा, “वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य से नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। हमें उनसे निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।” राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए हवाई युद्ध में नए रुझानों का विश्लेषण करने और उनसे सीखने की जरूरत है। उन्होंने वायुसेना कमांडरों से वायु रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने और ड्रोन के इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित करने को भी कहा।
रक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हाल के मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के दौरान निभाए गए दायित्वों के लिए भारतीय वायुसेना की प्रशंसा की। इसके अलावा 8 अक्टूबर को प्रयागराज में वायु सेना दिवस परेड और हवाई प्रदर्शन के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए वायुसेना को बधाई दी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हवाई युद्ध के क्षेत्र में नए चलन सामने आ रहे हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति से सबक लेने का रक्षा मंत्री का हालिया बयान हमास-इजरायल संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध में विभिन्न हवाई हमलों को जोड़कर देखा जा रहा है।
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