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Corona Virus In India: देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों ने फिर लोगों के अंदर डर बैठा दिया है. हर दिन किसी न किसी राज्य में नए कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं. देश में अब तक लगभग 1200 एक्टिव केस सामने आ चुके हैं. इसमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, केरल, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के मरीज शामिल हैं. डॉक्टर्स की मानें तो यह ओमिक्रोन वायरस का ही एक वैरिएंट है. कोविड पीड़ितों में सिर दर्द, गला खराब, बुखार, जुकाम, पेट दर्द या लूज मोशन जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं.
जीटीबी हॉस्पिटल नई दिल्ली में मेडिसिन के यूनिट हेड डॉ. अमितेश अग्रवाल के मुताबिक, फिलहाल इसको एक माइल्ड इन्फेक्शन के तौर पर ही देखा जा रहा है. इसलिए ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. इस संक्रमण से पीड़ित महज चार दिनों में मरीज ठीक हो रहे हैं. लेकिन, अगर किसी को 3 दिन से तेज बुखार है तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है. मास्क भी जरूर पहनें. आइए जानते हैं बीमारी के लक्षण और उसके उपचार-
जानिए बीमारी के हल्के लक्षण और उसका उपचार
बुखार-बदन दर्द: एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर किसी को बुखार है या शरीर टूट रहा है. ऐसे में डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल की गोली (500–650 मिग्रा) हर 5 से 6 घंटे में ली जा सकती है.
खांसी: सूखी खांसी हो तो गरम पानी पीएं, शहद में नींबू मिलाकर लें या डॉक्टर की सलाह से खांसी की दवा लें. वहीं, बलगम वाली खांसी के लिए डॉक्टर की सलाह से एक्सपेक्टोरेंट (बलगम निकालने वाली दवा) ले सकते हैं.
गला खराब होना: एक्सपर्ट के मुताबिक, गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें. गर्म सूप या हल्की गर्म चीजें गले को आराम दे सकती हैं. हालांकि, इसको ठीक होने तक रोज करना है.
नाक बंद या बहना: भांप लें, नमक वाला स्प्रे या ड्रॉप्स डालें. अगर ज्यादा छींक या बहती नाक हो तो डॉक्टर की सलाह से सिट्रीजिन जैसी दवा ली जा सकती है.
थकान और कमजोरी: डॉक्टर की मानें तो, थकान और कमजोरी होने पर खूब आराम करें. खूब पानी पीएं और हल्का-पौष्टिक खाना खाएं. ओवरटाइम काम बिलकुल न करें.
शरीर को हाइड्रेट रखें: पानी, नींबू पानी, नारियल पानी, ओआरएस और सूप जैसे तरल पदार्थ लेते रहें. कोई बीमारी जैसे मधुमेह हो तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है
डॉक्टर को दिखाने की जरूरत कब
एक्सपर्ट के मुताबिक, यदि को सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या दबाव, होंठ या चेहरा नीला पड़ना, बुखार लगातार 102° फारेनहाइट से ज्यादा रहना या फिर ऑक्सीजन लेवल 94% से नीचे जाने की स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
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