Home Life Style क्या भारत में कोविड की नई लहर का खतरा? ICMR के पूर्व वैज्ञानिक ने किया बड़ा खुलासा, जानकर चौंक जाएंगे

क्या भारत में कोविड की नई लहर का खतरा? ICMR के पूर्व वैज्ञानिक ने किया बड़ा खुलासा, जानकर चौंक जाएंगे

0
क्या भारत में कोविड की नई लहर का खतरा? ICMR के पूर्व वैज्ञानिक ने किया बड़ा खुलासा, जानकर चौंक जाएंगे

[ad_1]

Last Updated:

Covid-19 Cases in India: भारत में कोविड के 257 एक्टिव मामले हैं, जिनमें से 56 मामले महाराष्ट्र में हैं. कई देशों में फिर कोविड फैल रहा है, हालांकि ICMR के पूर्व वैज्ञानिक ने भारत में कोरोना की नई लहर की आशंका क…और पढ़ें

क्या भारत में कोविड की नई लहर का खतरा? ICMR के पूर्व वैज्ञानिक ने किया खुलासा

एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत में कोविड के नए वेरिएंट से कोई खतरा नहीं है.

हाइलाइट्स

  • एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत में कोविड की नई लहर की आशंका नहीं है.
  • ICMR के पूर्व वैज्ञानिक ने कहा कि कोविड स्थानिक बीमारी बन गई है.
  • भारत में इस वक्त कोविड के 257 एक्टिव कोविड मामले हैं, जो हल्के हैं.

Coronavirus in India: अभी कोविड-19 का खतरा दुनिया से टला नहीं है. किसी न किसी देश में कोविड का नया वेरिएंट कहर बरपा रहा है. इन दिनों सिंगापुर, थाईलैंड और हॉन्गकॉन्ग में कोविड का प्रकोप देखने को मिल रहा है. एशियाई देशों में कोविड के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या भारत में एक बार फिर कोविड के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं? भारत के टॉप इपिडेमोलॉजिस्ट और ICMR के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. रमण गंगाखेडकर ने News18 से बातचीत में कोविड को लेकर कई बड़ी बातें कही हैं, जो सभी को जरूर जान लेनी चाहिए.

डॉ. रमण गंगाखेडकर के अनुसार कोविड-19 पहले महामारी (Pandemic) थी, लेकिन अब एक स्थानिक बीमारी (Endemic) बन चुकी है. सिंगापुर समेत कई एशियाई देशों में कोविड के बढ़ते मामलों से भारत के लिए कोई नया खतरा नहीं है. जब तक नए वेरिएंट्स से लोगों के अस्पताल में भर्ती होने या मौत की दर बढ़ने का सबूत नहीं मिलता है, तब तक घबराने की जरूरत नहीं है. सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार वहां हाल में कोविड-19 के मामलों में उछाल LF.7 और NB.1.8 वेरिएंट की वजह से आया है. ये वेरिएंट सिंगापुर में 60% से ज्यादा केस के लिए जिम्मेदार हैं. ये दोनों वेरिएंट ओमिक्रॉन के सबलाइनेज हैं, जो JN.1 वेरिएंट से उत्पन्न हुए हैं और JN.1 खुद ओमिक्रॉन BA.2.86 का एक सबलाइनेज है.

ICMR के पूर्व वैज्ञानिक ने बताया कि JN.1 और इसके डेरिवेटिव्स जैसे LF.7 और NB.1.8 में इम्यून इवेजन की विशेषताएं हैं. हालांकि वर्तमान डेटा से यह नहीं पता कि ये वेरिएंट पहले के ओमिक्रॉन सबवेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं. फिलहाल कोविड को लेकर भारत में कंडीशन स्टेबल है और सरकारी सूत्रों के अनुसार 19 मई तक देश भर में केवल 257 एक्टिव मामले हैं, जो सभी हल्के हैं और इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है. भारत में पुणे स्थित जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स द्वारा विकसित ओमिक्रॉन-लक्षित एक mRNA आधारित वैक्सीन GEMCOVAC-19 उपलब्ध है, जो देश में अपनी तरह की पहली वैक्सीन है. इससे इन वेरिएंट से बचने में मदद मिल सकती है.

डॉ. गंगाखेडकर का कहना है कि कोविड-19 को अब स्थानिक बीमारी के रूप में स्वीकार करना होगा. उन्होंने बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को सलाह दी कि वे कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन करें. हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, मास्क पहनना और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना जरूरी है. अगर भारत में कोविड के मामलों में अचानक वृद्धि होती है, तो भारत इस वैक्सीन का उत्पादन बढ़ा सकता है. हालांकि वर्तमान में कोई नई या चिंताजनक स्थिति नहीं है. दुनिया कन्वर्जेंट इवोल्यूशन का साक्षी बन रही है, जहां वायरस दवाओं और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के दबाव में विभिन्न वेरिएंट्स डेवलप करता है.

एक्सपर्ट की मानें तो यह एक RNA वायरस है, जो स्मार्ट है और अपने नए वैरिएंट डेवलप करने में सक्षम है. वायरस बार-बार नए रूपों में सामने आता रहता है. अन्य देशों में भी ओमिक्रॉन-लाइनेज वेरिएंट्स फैल रहे हैं, लेकिन जब तक वायरस के कारण डेथ रेट नहीं बढ़ता है, तब तक मामलों की बढ़ोतरी से अन्य देशों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा. भारत में अभी वैक्सीन के बूस्टर डोज की जरूरत नहीं है. जब तक वायरस के मौजूदा वेरिएंट्स से कोई खतरा नहीं दिखता, तब तक बूस्टर डोज की सिफारिश नहीं की जाती है. जीनोम सीक्वेंसिंग की भी अभी जरूरत नहीं है, क्योंकि यह एक महंगी प्रक्रिया है.

डॉ. गंगाखेडकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत पहले भी ओमिक्रॉन-लाइनेज वेरिएंट्स का सामना कर चुका है और यह देखा गया है कि ये वेरिएंट मृत्यु दर और गंभीर बीमारी के जोखिम को बहुत तेजी से नहीं बढ़ाते हैं. इसलिए जब तक कोई नया और गंभीर खतरा सामने नहीं आता, तब तक घबराने या अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता नहीं है. उनकी सलाह है कि सतर्कता बनाए रखें और कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन करें. भारत की स्थिर स्थिति और उपलब्ध वैक्सीन क्षमता यह सुनिश्चित करती है कि देश किसी भी संभावित वृद्धि से निपटने के लिए तैयार है.

भारत पाकिस्तान की ताज़ा खबरें News18 India पर देखें
homelifestyle

क्या भारत में कोविड की नई लहर का खतरा? ICMR के पूर्व वैज्ञानिक ने किया खुलासा

[ad_2]

Source link