[ad_1]
मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी निजी डिवाइस पोर्न को डाउनलोड करना और उसे देखना गुनाह नहीं है बल्कि इसे प्रसारित करना अपराध की श्रेणी में आता है।
[ad_2]
Source link
[ad_1]
मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी निजी डिवाइस पोर्न को डाउनलोड करना और उसे देखना गुनाह नहीं है बल्कि इसे प्रसारित करना अपराध की श्रेणी में आता है।
[ad_2]
Source link