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हाइलाइट्स
इस साल हरियाली तीज 19 अगस्त दिन शनिवार को पड़ रही है.
हरतालिका तीज 18 सितंबर दिन सोमवार को है.
तीज का व्रत अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है.
तीज का व्रत अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है. मुख्य रूप से हरियाली तीज और हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है. इसमें भी हरतालिका तीज का व्रत बड़ा ही कठिन होता है, यह निर्जला व्रत रखा जाता है. अक्सर लोगों को हरियाली तीज और हरतालिका तीज में अंतर पता नहीं चल पाता है. वे हरियाली तीज और हरतालिका तीज को एक ही समझ लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं है. श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी बता रहे हैं हरियाली तीज और हरतालिका तीज में क्या अंतर है?
हरियाली तीज और हरतालिका तीज में अंतर
1. हरियाली तीज हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इसमें महिलाएं दुल्हन की तरह श्रृंगार करती हैं, व्रत रखकर माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करती हैं. इसमें हरे रंग के परिधान और श्रृंगार का महत्व है. हरे रंग को सौभाग्य और प्रकृति का प्रतीक मानते हैं.
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2. हरतालिका तीज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को होती है. इस दिन सुहागन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और गणेश जी, माता र्पावती और शिव जी की पूजा करती हैं. इस व्रत में अन्न और जल ग्रहण नहीं करते हैं. इसमें भी महिलाएं श्रृंगार करती हैं, लेकिन लाल रंग का उपयोग अधिक होता है.
3. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, तिथि के आधार पर हरियाली तीज और हरतालिका तीज व्रत के बीच एक माह का अंतर होता है. इस साल हरियाली तीज 19 अगस्त दिन शनिवार को पड़ रही है, जबकि हरतालिका तीज 18 सितंबर दिन सोमवार को है.
4. हरतालिका तीज का व्रत माता पार्वती के जीवन से जुड़ा है. उनके पिता भगवान विष्णु से उनका विवाह कराना चाहते थे, लेकिन वे शिव जी को पति स्वरुप में पाना चाहती थीं. तब उनकी सखियों ने उनको महल से ले जाकर घने वन में छिपा दिया. भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने हजारों वर्षों तक कठोर तप किया, उसके फलस्वरूप शिवजी प्रसन्न हुए और दोनों का विवाह हुआ.
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5. हरतालिका तीज का व्रत मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए रखते हैं. माता पार्वती के आशीर्वाद से सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य प्राप्त होता है. इस समय में माता पार्वती के समान व्रत और तप संभव नहीं है. इस वजह से एक दिन कठोर नियमों का पालन करके हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है.
हरियाली तीज 2023 मुहूर्त
सावन शुक्ल तृतीया तिथि की शुरूआत: 18 अगस्त, रात 08 बजकर 01 मिनट से
सावन शुक्ल तृतीया तिथि की समाप्ति: 19 अगस्त, रात 10 बजकर 19 मिनट पर
हरियाली तीज पूजा मुहूर्त: 07:30 एएम से 09:08 एएम, 12:25 पीएम से 05:19 पीएम, 06:57 पीएम से 08:19 पीएम तक.
हरतालिका तीज 2023 मुहूर्त
भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि का प्रारंभ: 17 सितंबर, सुबह 11 बजकर 08 मिनट से
भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि का अंत: 18 सितंबर, दोपहर 12 बजकर 39 मिनट पर
हरतालिका तीज पूजा मुहूर्त: 06:07 एएम से 08:34 एएम, 09:11 एएम से 10:43 एएम तक, 03:19 पीएम से 07:51 पीएम तक.
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Tags: Dharma Aastha, Hartalika Teej, Sawan
FIRST PUBLISHED : August 10, 2023, 11:08 IST
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