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हाइलाइट्स
डॉ. प्रियंका रोहतगी ने कहा कि आधा एक किलो वजन कम करने के लिए अपने पूरे सिस्टम को हिला दें, यह अच्छा आइडिया नहीं है.
अगर दूध पेट में ज्यादा जाएगा तो आंत का गुड बैक्टीरिया कम होने लगेगा और इससे आंत की लाइनिंग पर असर पड़ेगा.
Side Effects of Only Milk Diet for Weight Loss: इंटरनेट के जमाने में आजकल अधिकांश लोग अधकचरी जानकारियां दिमाग में घुसा लेते हैं. आजकल सोशल मीडिया पर तरह-तरह के ज्ञान दिए जा रहे हैं, उनमें एक यह भी है कि 3 दिनों तक या 4 दिनों तक सिर्फ दूध पीकर रहिए तो माटापे का बैंड बज जाएगा. यानी वजन कम करने के लिए सिर्फ दूध पीने की सलाह दी जाती है. पर यह सलाह बहुत ही खराब आइडिया है. वजन कम करने के अलावा कुछ लोग फास्टिंग के दौरान भी सिर्फ दूध पर रहने की कोशिश करते हैं. 3 दिनों तक सिर्फ दूध पीकर रहने से शरीर का पूरा सिस्टम बिगड़ जाएगा और ज्यादा दिनों तक ऐसा करने से अस्पताल जाने की नौबत भी आ सकती है. इसलिए अगर इस तरह की सलाह पर अमल करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें.
अपोलो अस्पताल, बेंगलुरु में न्यूट्रिशन और डायटीशियन विभाग की प्रमुख चीफ क्लीनिकल डायटीशियन डॉ. प्रियंका रोहतगी ने बताया कि यह पूरी तरह से बैड आइडिया है. किसी को भी सिर्फ दूध पीकर नहीं रहना चाहिए, इससे शरीर का सिस्टम बिगड़ जाएगा और कई तरह की परेशानियां हो जाएगी जिसके कारण बाद में अस्पताल भी जान पड़ सकता है.
पेट इतना दूध को पचा नहीं पाता
डॉ. प्रियंका रोहतगी ने बताया कि यह सच है कि दूध अपने आप में कंपलीट फूड है लेकिन सिर्फ दूध पीने से पेट में लेक्टोज की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाएगी. कुछ लोग इसे वेट लॉस के लिए इस्तेमाल करते हैं लेकिन हमारा बॉडी में इतनी क्षमता नहीं है कि इतनी अधिक मात्रा में दूध को पचा सके. इस कारण सेमी फॉर्म्ड स्टूल बनने लगता है. यह पेट में एब्जॉर्ब नहीं हो पाता है. इससे वेट लॉस तो हो सकता है लेकिन पूरे शरीर के लिए फायदेमंद नहीं है. जिन लोगों को ज्यादा भूख लगती है या उन्हें भूख नहीं बर्दाश्त होती और मोटे होते जा रहे हैं, उनके लिए दूध फायदेमंद हो सकता है लेकिन उनको भी सिर्फ और सिर्फ दूध नुकसान ही पहुंचाएगा. ज्यादा उम्र के लोगों को यह ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा क्योंकि दूध को पचाने के लिए जिस लेक्टेज एंजाइम की जरूरत होती है वह उम्र के साथ घटती जाती है.
पेट का सीधा संबंध इम्यूनिटी से
अगर दूध पेट में ज्यादा जाएगा तो आंत का गुड बैक्टीरिया कम होने लगेगा और इससे आंत की लाइनिंग पर असर पड़ेगा. इसके कारण लूज मोशन, ब्लॉटिंग, गैस, अपच जैसी समस्या सामने आएगी. इससे पेट में क्रैंप आने लगेगा. यह पूरे डाइजेस्टिव सिस्टम को हिला देगा. डॉ. प्रियंका रोहतगी ने कहा कि आधा एक किलो वजन कम करने के लिए अपने पूरे सिस्टम को हिला दें, यह अच्छा आइडिया नहीं है. हमारी आंत की जो लाइनिंग है उसका सीधा संबंध हमारी इम्यूनिटी से है. अगर इम्यूनिटी कमजोर होगी और उस दौरान हम किसी भी तरह के संक्रमण से प्रभावित लोगों के संपर्क में आएंगे तो हम आसानी से संक्रमित हो जाएंगे. इससे कई तरह की संक्रमण की बीमारिया लग सकती हैं. अब सवाल है अगर कोई 3 दिनों तक लगातार दूध पीकर रहता है तो उसे कौन सी बीमारी लग सकती है. डॉ. प्रियंका कहती हैं कि अगर व्यक्ति स्वस्थ्य है, उम्र कम है तो उसपर उतना असर नहीं होगा लेकिन अगर व्यक्ति पहले से मोटा है या कोई बीमारी है, खासकर पेट से संबंधित कोई बीमारी है, तो ऐसे लोगों को सिर्फ दूध पर रहने से कई बीमारियां बढ़ सकती है. उनमें पहले की जो समस्याएं हैं उनकी स्थिति और खराब हो सकती है.
ये बीमारियां लग जाएंगी
इस तरह ज्यादा दूध पीने से गैस, कॉन्स्टिपेशन, ब्लॉटिंग, सिर दर्द, माइग्रेन, अस्थमा, लेक्टोज डिजीज, क्रोनिक इंफ्लामेटरी प्रोब्लम, इरीटेबल बावेल डिजीज हो सकती है. इसके अलावा शुगर उपर-नीचे हो सकता है. इससे महिलाओं के पेट में सूजन और बहुत तेज क्रैंप हो सकता है. दरअसल, पेट में शॉर्ट चेन फैटी एसिड होते हैं वह हाइड्रोजन, मिथेन, कार्बोहाइड्रेट के साथ पेट में बहुत तेज दर्द हो सकता है. इससे इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है. डॉ. प्रियंका कहती हैं कि इन कारणों से कभी भी डॉक्टर सिर्फ दूध लेने की सलाह नहीं देंगे. इसके बदले आप दही और छाछ ले सकते हैं.
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Tags: Health, Health tips, Lifestyle
FIRST PUBLISHED : March 20, 2023, 05:40 IST
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