Home Life Style गजब! 9 साल की मेहनत से पहाड़ की पुरानी संस्कृति को किया जिंदा, अब इस ज्‍वेलरी की यूपी-बिहार में धूम

गजब! 9 साल की मेहनत से पहाड़ की पुरानी संस्कृति को किया जिंदा, अब इस ज्‍वेलरी की यूपी-बिहार में धूम

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गजब! 9 साल की मेहनत से पहाड़ की पुरानी संस्कृति को किया जिंदा, अब इस ज्‍वेलरी की यूपी-बिहार में धूम

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हिना आज़मी/ देहरादून. उत्तराखंड की संस्कृति सभी के मन को मोह लेती है. यही वजह है कि उत्तराखंड के आभूषणों और परिधानों को लोग अपनाकर इसके रंग में ढलना चाहते हैं. उत्तराखंड की बेटी परमिला राणा अपने पहाड़ की वेशभूषा और ज्वेलरी को दूसरे लोगों तक पहुंचा रही हैं. वह देहरादून में उत्तराखंड परिधान स्टोर चला रही हैं. उनका यह स्टोर सिर्फ देहरादून ही नहीं उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी है. इसके अलावा वह देशभर के सभी राज्यों में ऑनलाइन ऑर्डर पर टिहरी नथ, पौड़ी नथ, हिमाचली नथ, पौंची, गुलोबन्द, नेपाली तिमदिया और पिछौड़ा जैसी कई चीजें बेच रही हैं.

परमिला राणा ने बताया कि हमारे पास कई तरह की नथ तांबे से बनाई जाती हैं. हमारे पहाड़ की पुरानी संस्कृति में तांबे की नथ का चलन था, लेकिन धीरे-धीरे यह खत्म हो गया था. उन्होंने बुजुर्गों की पुरानी संस्कृति को जिंदा रखने के लिए पीतल ही नहीं बल्कि तांबे में भी नथ तैयार करना शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि उनके पास टिहरी और पौड़ी की स्पेशल नथ के साथ-साथ हिमाचल की नथ भी है. नथ कोई अलग तरीके से भी बनवा सकता है. अगर कोई प्लेन मेटल की नथ चाहता है, वह भी बन जाती है. अगर किसी को मेटल के साथ मोती चाहिए, तो रंग और साइज भी मोडिफाई करते हुए नथ तैयार की जाती है.

यूपी, बिहार और पंजाब में खूब है क्रेज
परमिला राणा ने बताया कि उनके पास कई तरह की पहाड़ी नथ मिल जाती हैं और लोगों की डिमांड के मुताबिक और बेहतर डिजाइन बनाने की कोशिश की जाती है. उन्होंने बताया कि इस साल करवाचौथ पर पहाड़ी नथों की काफी डिमांड रही, जिनमें सिर्फ उत्तराखंड की महिलाओं की ही नहीं बल्कि बिहार, उत्तर प्रदेश और पंजाब तक से भी काफी डिमांड आयी थी. उन्होंने बताया कि उनके यहां टिहरी की नथ 500 से 700 रुपये तक मिल जाएंगी. जबकि पौड़ी की नथ 550 से 800 रुपये तक में मिल जाती है. वहीं, हिमाचल की नथ का दाम 700 रुपये से शुरू होता है.

देशभर से पहाड़ी चीजों की बढ़ी डिमांड
परमिला राणा ने कहा कि उन्होंने 9 साल पहले इस ऑनलाइन स्टोर की शुरुआत की थी. उनकी शादी हुई और वह गाजियाबाद जाकर रहने लगीं. फिर उन्होंने गाजियाबाद में उत्तराखंड परिधान स्टोर भी खोल दिया. वहां के लोगों को ये चीजें बहुत पसंद आईं. उन्‍होंने बताया कि बिहार की कई महिलाओं ने उनसे पिछौड़ा खरीदा है. उनके यहां पिछौड़ा 350 से लेकर दो हजार रुपये तक के बजट में मिल जाएगा.

घर बैठे करें ऑर्डर
अगर आप उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के जेवर पहनना चाहती हैं, तो आप परमिला राणा के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट https://instagram.com/pahadijewellery?igshid=OGQ5ZDc2ODk2ZA== पर जाकर सम्पर्क कर सकती हैं.

Tags: Dehradun news, Local18, Uttarakhand news



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