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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुर्की में ‘ऑपरेशन दोस्त’ में शामिल हुए NDRF और अन्य संगठनों के भारतीय बचाव दलों के साथ बातचीत की। एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे डॉग स्क्वायड के सदस्यों ने गजब का दम दिखाया। देश को आप पर गर्व है। उन्होंने कहा, ‘हमारी संस्कृति ने हमें वसुधैव कुटुम्बकम सिखाया है। हम पूरी दुनिया को एक परिवार मानते हैं। जब परिवार का कोई सदस्य मुसीबत में हो तो उसकी मदद करना भारत का कर्तव्य है।’
पीएम मोदी ने कहा कि तिरंगा लेकर हम जहां भी पहुंचते हैं वहां आश्वासन मिलता है कि अब भारत की टीमें आ चुकी हैं और अब हालात ठीक होने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘हम सभी ने वो तस्वीरें देखी हैं जहां एक मां माथे पर चूम कर आपको आशीर्वाद दे रही थी। 2001 में जब गुजरात में भूकंप आया था, तब मैंने वॉलंटियर के तौर पर काम किया था और मैंने लोगों को बचाने में आने वाली दिक्कतों को देखा है।’
‘ऑपरेशन दोस्त’ के बाद भारत लौटा भारतीय दल
प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश के बाद 7 फरवरी को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कुल तीन टीम को भूकंप प्रभावित देश में भेजा गया था। ‘ऑपरेशन दोस्त’ के तहत एनडीआरएफ की अंतिम टीम तुर्की से स्वदेश लौट आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक ट्वीट में कहा, ‘151 एनडीआरएफ कर्मियों और श्वान दस्तों की तीन टीम ने भूकंप प्रभावित तुर्किए की मदद की। टीम ने नूरदागी और अंताक्या के 35 स्थलों पर जीवित लोगों का पता लगाने सहित खोज, बचाव और राहत अभियान चलाया।’
तुर्की के 9 प्रांतों में बचाव कार्य समाप्त
तुर्की में 6 फरवरी को आए विनाशकारी भूकंप के मलबे में लोगों की तलाश और बचाव का प्रयास अपने अंत की तरफ बढ़ना शुरू हो गया है। भूकंप प्रभावित 11 में से 9 प्रांतों में बचाव का काम समाप्त हो चुका है। तुर्की में भूकंप से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 40,689 हो गई है। फिलहाल तोड़फोड़ करने वाला दल मलबे के ढेर को हटाने के काम में जुट गया है। भूकंप का केंद्र रहे कहारामनमारस और हतय में अभियान अभी जारी है। 2 प्रांतों में बचाव अभियान जारी है, लेकिन मलबे से किसी के जीवित निकाले जाने के कोई संकेत नहीं हैं।