Home Life Style गुरुवार के दिन करें ये उपाय, खुल जाएंगे बंद किस्मत के ताले,घर पर होगी धन वर्षा

गुरुवार के दिन करें ये उपाय, खुल जाएंगे बंद किस्मत के ताले,घर पर होगी धन वर्षा

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गुरुवार के दिन करें ये उपाय, खुल जाएंगे बंद किस्मत के ताले,घर पर होगी धन वर्षा

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भरत तिवारी/जबलपुर: वैसे तो बृहस्पति या गुरु ग्रह कुंडली में मौजूद सभी 9 ग्रहों में सबसे मजबूत और बलवान ग्रह माना जाता है. अगर आपकी कुंडली में गुरु ग्रह उच्च है तो आप शिक्षा धन और संतान प्राप्ति जैसे सुखों से संपन्न रहते हैं. लेकिन अगर आपका गुरु पीढ़ित है और आपकी कुंडली में पाप ग्रह जैसे राहु और केतु के साथ इसकी युति बन रही है तो आपको जिंदगी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में अगर आप बृहस्पति ग्रह के इन उपायों को अपने जीवन में अपनाएंगे तो आपको इन सभी समस्याओं से निजात मिलेगी.

1. अगर पढ़ाई में है कमजोर तो करें यह उपाय.
अगर जातक की कुंडली में गुरु नीच का है या पाप ग्रहों के साथ उसकी युति बनी हो तो ऐसे जातकों को पढ़ाई में समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे जातक कोचिंग भी जाते हैं, सुबह -शाम पढ़ाई भी करते हैं पूरी मेहनत करते हैं, लेकिन परिणाम मेहनत के अनुकूल नहीं रहते हैं. ऐसे जातकों के माता पिता अपने बच्चों को रात में सोने के पहले एक गिलास दूध में केसर मिलाकर पिलाएं .यह उपाय पांच गुरुवार तक करना है. पांच गुरुवार पूर्ण होने के बाद आपको अपने बच्चों की पढ़ाई में वृद्धि होती हुई नजर आएगी और वह पढ़ाई में तेज होगा. इसके बाद आप इस प्रक्रिया को निरंतर जारी रख सकते हैं.

2. दूसरा उपाय ( संतान प्राप्ति से संबंधित).

कुंडली में पांचवा भाव संतान का होता है. गुरु ग्रह संतान का कारक भी होता है. अगर ऐसे में आपकी कुंडली में गुरु पीड़ित है तो संतान उत्पत्ति में देरी होना या संतान नहीं होने जैसी समस्याओं का सामना दंपत्ति को करना पड़ता है. ऐसी समस्याओं से पीड़ित जातक अगर गुरुवार के दिन गरीब एवं असहाय बच्चों को पीले वस्त्रो का दान करें और क्रम से 9 गुरुवार तक इस प्रक्रिया को करते रहें. उसके बाद आपको अपनी समस्याओं में परिवर्तन देखने को मिलेगा. इसके साथ ही संतान प्राप्ति का सुख भी आपको मिलेगा.

3. तीसरा उपाय ( धन संबंधित).
जातक की कुंडली में धर्म के साथ गुरु ग्रह धन का भी कारक होता है. अगर आपकी कुंडली में गुरु ग्रह श्रेष्ठ है तो आपकी झोली में धन की वर्षा करता है. अगर वहीं गुरु ग्रह आपकी कुंडली में पीड़ित है, तो धन की गति रुक जाती है. धन संबंधित समस्याओं का सामना आपको करना पड़ता है. ऐसे जातक गुरुवार को उपवास रखना शुरू कर दें और पूरे विधि विधान के साथ भगवान नारायण की पूजा करें साथी नारायण की पूजा के दौरान घी का दीप जरूर जलाएं.  इस क्रम से पांच गुरुवार तक यह करें तो आपको धन संबंधित समस्याओं में परिवर्तन देखने को मिलेगा.

4. चौथा उपाय ( उदर रोग संबंधित).
जातकों की कुंडली में गुरु पेट संबंधित समस्याओं का भी कारक होता है. अगर गुरु आपकी कुंडली में पीड़ित है, तो पेट से संबंधित समस्याएं जैसे पेट दर्द, अपच और एसिडिटी जैसे कई रोगों से जातक ग्रसित रहता. ऐसी समस्याओं से ग्रसित जातक गुरुवार के दिन गरीबों को गुड़ का दान करना शुरू कर दें और यह क्रम पांच गुरुवार तक करते रहें .आपको पेट से संबंधित रोगों से निजात मिलेगी.

5. पांचवा उपाय (नशा मुक्ति संबंधित).
वैसे तो गुरु ग्रह जातक को शिक्षा में आगे बढ़ाने और धर्म की ओर आगे बढ़ने का कारक होता है. लेकिन अगर जातक की कुंडली में यह ग्रह पीड़ित है और पापक ग्रहों के साथ इसकी युति बन रही है तो यह जातक को नशे की ओर आगे बढ़ाता है. ऐसे जातक नशे की लत से ग्रसित रहते हैं. इस समस्या से निजात पाने के लिए जातकों को गुरुवार के दिन पीले रंग की खाद्य सामग्री जैसे पीला आम, पीला कला और पीली दाल जैसी  खाद्य सामग्री अपाहिजों को दान करना है. यह क्रम पांच गुरुवार तक करना है.  इससे आप अपने नशे की लत से छूटते दिखेंगे.

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