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नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home minister Amit shah) ने गुरुवार को कहा कि वह जल्द ही मणिपुर जाएंगे और पूर्वोत्तर राज्य में तीन दिन रुकेंगे. उन्होंने कहा कि हिंसा प्रभावित राज्य में शांति स्थापित करने के लिए वह मणिपुर के लोगों से बात करेंगे. उनका यह बयान बुधवार को मणिपुर में हिंसा की ताजा घटनाओं के बाद आया है.
अमित शाह ने कहा कि मैं खुद कुछ दिनों के बाद मणिपुर जाऊंगा और तीन दिन वहां रहूंगा और शांति स्थापित करने के लिए मणिपुर के लोगों से बात करूंगा. मणिपुर में हिंसा के बारे में बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद मणिपुर में झड़पें हुईं. मैं दोनों समूहों से अपील करूंगा कि वे शांति बनाए रखें और सभी के लिए न्याय किया जाएगा.
आदिवासी एकजुटता मार्च के दौरान भड़की थीं हिंसा
इस महीने की शुरुआत में मणिपुर के कई जिलों में ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर (ATSUM) द्वारा बुलाए गए ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के दौरान चुराचंदपुर जिले के तोरबंग इलाके में गैर-आदिवासी मीटियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में हिंसा हुई थी. रैली में हजारों आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया, जिस दौरान आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच झड़पें हुईं थीं. हिंसा के बाद, मणिपुर के आठ जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया था और पूरे पूर्वोत्तर राज्य में कई दिनों तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं.
आरक्षित वन भूमि से बेदखल करने पर फैला था तनाव
मणिपुर में हिंसा कुकी ग्रामीणों को आरक्षित वन भूमि से बेदखल करने पर तनाव से पहले हुई थी, जिसके कारण कई छोटे-छोटे आंदोलन हुए थे. मेइती मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं. जबकि जनजातीय- नागा और कुकी-अन्य 40 प्रतिशत आबादी का गठन करते हैं और पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 17:11 IST
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