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एक पैसेंजर को सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए आधार-बेस्ड वेरिफिकेशन और एक खुद की फोटो कैप्चर का इस्तेमाल करके डिजीयात्रा ऐप पर अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी। सर्विसि में एनरोल करने के बाद एक डिजीयात्रा आईडी बनाई जाएगी। यहां बताया गया है कि आप डिजीयात्रा सर्विस के लिए उसके मोबाइल ऐप के जरिए कैसे रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:
यूजर्स अपने एंड्रॉयड या आईओएस फोन गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से DigiYatra ऐप डाउनलोड कर सकते हैं:
“गेट स्टार्टेड” बटन पर टैप करें।
अपना मोबाइल फोन नंबर दर्ज करें।
रजिस्टर बटन प्रेस करें।
उसके बाद, आपको मिलने वाले ओटीपी दर्ज करके अपना फोन नंबर वेलिडेट करें।
फिर अपनी स्क्रीन के नीचे मौजूद “वॉलेट” ऑप्शन पर टैप करें।
आइडेंटिटी क्रेडेंशियल ऑप्शन पर टैप करें। नियम और शर्तों से सहमत होने के बाद ओके बटन प्रेस करें। आप अपने आइडेंटिटी डॉक्यूमेट्स को अपलोड करने के लिए अपने डिजिलॉकर अकाउंट का भी इस्तेमाल कीजिए।
अपलोड होते ही आपकी DigiYatra आईडी जनरेट हो जाएगी।
DigiYatra सर्विस: एयरपोर्ट पर कैसे उपयोग करें
पैसेंजर टिकट बुक करते समय DigiYatra आईडी के बारे में बताएंगे। एयरलाइंस पैसेंजर्स की डिजीयात्रा आईडी समेत उनकी जानकारी एयरपोर्ट को भेजेगी। एयरपोर्ट पर यह कैसे काम करेगा:
एंट्री प्वाइंट पर जरूरी होने पर पैसेंजर को टिकट या बोर्डिंग पास दिखाना होगा। ई-टिकट या बोर्डिंग पास को स्कैन किया जाएगा। सिस्टम बारकोड या क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद पैसेंजर्स की जानकारी और फ्लाइट की जानकारी को वेरिफाई करेगा। फिर डिजीयात्रा आईडी पहचान को कंफर्म करने के लिए फेस की पहचान का इस्तेमाल करेगी। टिकट और डिजीयात्रा आईडी के वेरिफिकेशन के बाद ई-गेट खुल जाएगा। जैसे ही आप एयरपोर्ट में जाते हैं तो उसके बाद आपकी फेस आईडी और टिकट पीएनआर को एक ही टोकन में जोड़ा जाएगा, जिसका इस्तेमाल आपके वहां रहने की अवधि के लिए किया जाएगा। पैसेंजर फेशियल रिकॉगनिशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले ई-गेट का इस्तेमाल करके सिक्योरिटी एरिया में एंट्री कर सकेंगे और फ्लाइट में सवार हो सकेंगे।
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