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Peregrine Mission One: भारत के मून मिशन चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की अपार सफलता के बाद अब दुनियाभर के कई देशों की नजरें एक बार फिर चांद पर पहुंचने की होड़ लग गई है। रूस का मिशन तो फेल हो गया लेकिन अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) साल 2024 की शुरुआत में चांद पर उतरने की तैयारी कर रहा है। 52 साल पहले 1972 में अपोलो-17 मिशन के तहत नासा ने चांद पर कदम रखे थे। उसके बाद से अमेरिका ने चांद पर कोई मिशन नहीं भेजा। अब इतने साल बाद अमेरिका का अंतरिक्ष यान 8 जनवरी 2024 को चांद पर लॉन्चिंग के लिए तैयार है। इस मिशन की खास बात यह है कि इसमें कई वैज्ञानिक पेलोड के साथ सांस्कृतिक चीजों को भी भेज रहा है, इसमें मानव अस्थियां भी शामिल हैं। इस मिशन का मकसद क्या है?
अमेरिका जिस मिशन को 8 जनवरी 2024 के दिन फ्लोरिडा के केप कैनावरेल से लॉन्च करने जा रहा है, उसकी सबसे मजेदार बात ये है कि इस बार लैंडर नासा का नहीं है। जबकि यह एक प्राइवेट कंपनी का लैंडर है। इसका नाम पैरेग्रीन (Peregrine Mission One) है, जिसे अमेरिका की प्राइवेट कंपनी एस्ट्रोबोटिक (Astrobotic) ने बनाया है। इसलिए इस मिशन का नाम पेरेग्रीनी मिशन वन है। इस लैंडर पर नासा का यंत्र लगा है, जो चांद पर पर्यावरण के अध्ययन करने के लिए साथ जा रहा है। यह सब इसलिए ताकि नासा के आगामी चंद्र मिशन अर्टेमिस मिशन में मदद मिल सके।
चांद पर पहला कमर्शियल मिशन
पेरेग्रीन मिशन वन चंद्र लैंडिंग मिशन सोमवार 8 जनवरी 2024 को लॉन्च होने वाला है और इसका लाइव स्ट्रीम नासा टीवी पर लाइव स्ट्रीम कराया जाएगा। पेरेग्रीन मिशन वन चंद्रमा पर अब तक का पहला व्यावसायिक लैंडिंग मिशन होगा। यह 8 जनवरी 2024 को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से 2:18 EST (07:18 GMT) पर उड़ान भरने वाला है।
मिशन की डिटेल
प्राइवेट अंतरिक्ष उड़ान मिशन नासा और दुनिया भर के अन्य संस्थानों से कई वैज्ञानिक पेलोड के साथ-साथ कई सांस्कृतिक वस्तुओं को भी ले जा रहा है। चंद्रमा की ओर जाने से पहले अंतरिक्ष यान अपने सिस्टम की जांच करने के लिए निचली-पृथ्वी की कक्षा में रहेगा। एक बार यह पता लगने पर कि कोई दिक्कत नहीं है, पेरेग्रीन मिशन वन को कुछ हफ्तों के लिए चांद की परिक्रमा कराई जाएगी। सब कुछ योजना मुताबिक चला तो यान 23 फरवरी को चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।
मकसद
यह मिशन नासा के कई प्रयोगों को अंजाम दे रहा है। पेरेग्रीन मिशन वन का उद्देश्य आर्टेमिस कार्यक्रम की तैयारी करना है, जिसका लक्ष्य दशक के अंत तक चांद की सतह पर मानव पैर रखना है। लैंडर अपने साथ कई प्रकार के वैज्ञानिक पेलोड ले जा रहा है, जिसमें एक चंद्र रोवर, पृथ्वी से कम्यूनिकेशन मशनी और इसमें मानव अवशेष भी शामिल हैं।
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