Home Tech & Gadget चौंका देगा AI का नया कमाल, दुनिया छोड़ चुकी ऐक्ट्रेस से कर सकेंगे बात, 62 साल पहले हुई थी मौत

चौंका देगा AI का नया कमाल, दुनिया छोड़ चुकी ऐक्ट्रेस से कर सकेंगे बात, 62 साल पहले हुई थी मौत

0
चौंका देगा AI का नया कमाल, दुनिया छोड़ चुकी ऐक्ट्रेस से कर सकेंगे बात, 62 साल पहले हुई थी मौत

[ad_1]

आए दिन AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी नई-नई खबरें आ रही हैं। अब एआई ने एक ऐसा कमाल किया है, जिससे यूजर वाकई चौंक जाएंगे। एआई टेक्नोलॉजी की मदद से आप 62 साल पहले दुनिया छोड़ चुकीं एक बड़ी ऐक्ट्रेस से बात कर सकते हैं। सोल मशीन्स नाम की एक कंपनी और ऑथेंटिक ब्रैंड्स ग्रुप ने मिलकर यह कमाल किया है। इन दोनों कंपनियों ने Digital Marilyn को डेवेलप किया है। इसे टेक्सस में हुए एक बड़े टेक कॉन्फ्रेंस में लॉन्च भी कर दिया गया है।

गजब का कंप्यूटर प्रोग्राम

डिजिटल मर्लिन मुनरो एक कंप्यूटर प्रोग्राम है। यह हॉलिवुड की फेमस ऐक्ट्रेस मर्लिन मुनरो की तरह बात करता है। इसकी आवाज मर्लिन मुनरो की तरह लगे इसके लिए डेवेलपर्स ने नैचरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, डीप लर्निंग और ओपन एआई के ChatGPT 3.5 का इस्तेमाल किया है। सोल मशीन्स के सीईओ ग्रेग क्रॉस ने कहा कि इससे बात करते टाइम बिल्कुल यही लगेगा कि आप सच में मर्लिन मुनरो से बात कर रहे हैं। क्रॉस के अनुसार यह टेक्नोलॉजी कहीं से भी यह अहसास नहीं कराती कि यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम है।

ऐपल के प्रोडक्ट से इंप्रेस नहीं हुए मार्क जुकरबर्ग, अपने इस गैजेट को बताया बेस्ट

क्रॉस ने आगे कहा, ‘डिजिटल मर्लिन मुनरो कंपनी ने बायोलॉजिकल एआई को दर्शाता है और यह पक्का करता है कि हम फेसस और आइकॉनिक पर्सनैलिटीज को डायलॉग और इमोशनल इंटेलिजेंस के जरिए फिर से जीवंत कर सकते हैं।’ खास बात है कि डिजिटल मर्लिन मुनरो केवल प्रोग्राम की गई लाइन्स को बोलने के लिए नहीं, बल्कि इंसानो की तरह होने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे यूजर किसी इंसान की तरह बात कर सकते हैं और यह आपकी बात सुन कर उससे अनुसार जवाब देती है।

मर्लिन मुनरो की याद को जिंदा रखने की कोशिश

ऑथेंटिक ब्रैंड्स ग्रुप के लिए काम करने वाली डाना कारपेंटर का कहना है कि मर्लिन मुनरो हमेशा खास रहेंगी, लेकिन डिजिटल मर्लिन के साथ लोग उनसे नए तरीके से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह असली मर्लिन को बदलने के बारे में नहीं, बल्कि यह डिजिटल दुनिया में उनकी याद को जिंदा रखने के बारे में है। बताते चलें कि मर्लिन मुनरो की निधन साल 1962 में हुआ था।

[ad_2]

Source link