NEET Success Story: जज्बा अगर जुनून बन जाए, तो कोई भी काम असंभव नहीं होता है. इस वाक्य को तमिलनाडु के पुलिस कांस्टेबल एम. शिवराज (M Sivaraj) सच कर दिखाया है. 24 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल ने दूसरे प्रयास में अच्छे अंकों के साथ NEET की परीक्षा पास करने में कामयाब रहे हैं. धर्मपुरी जिले के पेन्नाग्राम के पास मुदुगापट्टी गांव में दिहाड़ी मजदूर मनिकम और इनबावल्ली के घर जन्मे एम. शिवराज ने एक सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई की थी.
कक्षा 12वीं में हासिल किया 1200 में से 915 अंक
तीन भाई-बहनों वाले परिवार में जन्मे शिवराज कम उम्र से ही मेडिकल कोर्स करने के महत्वाकांक्षी रहे हैं. वर्ष 2016 में कक्षा 12वीं की परीक्षा में उन्होंने 1200 में से 915 अंक प्राप्त किए, लेकिन अपने मकसद में कामयाब होने के लिए कोई मदद नहीं मिली. निराश शिवराज ने तब करूर आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज में बीएससी केमिस्ट्री की पढ़ाई की थी. अपनी ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने तमिलनाडु यूनिफ़ॉर्मड सर्विस रिक्रूटमेंट बोर्ड के लिए आवेदन किए और उन्हें पुलिस विभाग में नौकरी मिल गई. ट्रेनिंग के बाद उन्हें वर्ष 2020 में अवाडी बटालियन में तैनात किया गया था और तब से ग्रेड II पुलिस कांस्टेबल के रूप में कार्यरत हैं.
सरकारी स्कूल छात्रों के लिए NEET आरक्षण का मिला लाभ
वर्ष 2020 में तमिलनाडु सरकार ने एक आदेश जारी कर अंडर ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए NEET पास करने वाले सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए 7.5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का आश्वासन दिया था. पारिवारिक परिस्थितियों के कारण ग्रेजुएट की डिग्री पूरी करने के बाद तुरंत नौकरी ज्वाइन करने वाले शिवराज ने फिर से अपने सपने को साकार करने की इच्छा जताई और NEET की तैयारी करने का फैसला किया. उन्होंने बताया “मुझे पुलिस की नौकरी मिल गई लेकिन मैं हमेशा से एक डॉक्टर बनना चाहता था. मुझे विश्वास था कि 7.5 प्रतिशत आरक्षण कोटा मुझे अपना सपना हासिल करने में मदद करेगा.”
खुद से पढ़ाई करके NEET किया क्रैक
शिवराज का परिवार संपन्न नहीं था और उनके वेतन पर निर्भर था. हालांकि, वह पुलिस कांस्टेबल जो मेडिकल पाठ्यक्रमों में शामिल होने के लिए NEET के लिए किसी निजी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर सकता था और न ही अपने सपने को छोड़ने को तैयार था, उसने खुद ही परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया. उन्होंने कहा, “अपने दोस्तों के सहयोग से मैंने किताबें, ऑनलाइन सामग्री इकट्ठा करना शुरू कर दिया, जो मुझे परीक्षा की तैयारी में मदद करेगी. मैंने एक तमिल माध्यम स्कूल में पढ़ाई की, इसलिए मैं उन किताबों की तलाश में गया जो मुझे मेरी भाषा में विषयों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगी.”
वर्ष 2022 में अपने पहले प्रयास में शिवराज ने 268 अंक हासिल किए. हालांकि, उन्होंने फिर से तैयारी की और 2023 में अपना दूसरा प्रयास किया और 720 में से 400 अंक हासिल करने में सफल रहे और सरकारी कृष्णागिरी मेडिकल कॉलेज में एक सीट सुरक्षित करने में सफल रहे.
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Tags: NEET, NEET UG 2023
FIRST PUBLISHED : July 29, 2023, 13:57 IST