How to Reduce Joint Pain: जैसे जैसे हमारी जिंदग आगे बढ़ती है वैसे वैसे शरीर में बहुत से परिवर्तन होते है और साथ ही शारीरिक बीमारियां भी जमकर हमें घेरने लगती है. बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों में दर्द की शिकायत एक बड़ी समस्या है. जोड़ों का दर्द आपकी पूरी लाइफस्टाइल को खराब कर सकता है इसलिए जरूरी है कि समस्या बढ़ने से पहले ही इसका इलाज कर लिया जाए.
अच्छी हेल्थ के लिए वर्ककाउट और व्यायाम करना बहुत जरूरी होता है लेकिन जोड़ों के दर्द के साथ यह काफी असंभव हो जाता है. हेल्थडाइजेस्ट डॉट कॉम के अनुसार वर्कआउट में सबसे ज्यादा जोड़ों पर ही प्रेशर पड़ता है. हालांकि कुछ ऐसे तरीके हैं जिससे इस स्थिति में भी वर्कआउट किया जा सकता है. नियमित, अच्छी तरह से डिजाइन किए गए वर्कआउट आपको लचीलेपन को बनाए रखने या बढ़ाने में मदद कर सकते हैं और आपकी समस्या वाले जोड़ों को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूत कर सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे टिप्स के बारे में….
हल्का वार्मअप जरूरी है: वर्कआउट करने से पहले जरूरी है कि आप एक हल्का वार्म अप करें ताकि आपके जोड़ों की मांसपेशियां गर्म हो जाएं जिससे जोड़ों में प्रेशर कम पड़े. एक हल्का और परफेक्ट वार्म अप आपके शरीर को आगे की शारीरिक गतिविधि के लिए तैयार करता है.
हीट अप्लाई करें: यदि आपके जोड़ों में दर्द, अकड़न या फिर चोट है तो आपके वार्मअप रूटीन में जॉइंट को हीट करना मददगार हो सकता है. एक हल्की हीट अप्लाई करने से वर्कआउट में राहत मिलने वाली है. आर्थराइटिस फाउंडेशन के अनुसार, ठंडे, कठोर जोड़ों पर गर्मी लगाने से – या तो गर्म स्नान या गर्म सेंक के माध्यम से – न केवल अच्छा लगता है, बल्कि रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करके ऊतकों में रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है, जिससे अधिक ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्रसारित होते हैं.
इन कामों में सावधानी बरतें: हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग के अनुसार जोड़ों के दर्द में हल्का व्यायाम राहत देने वाला हो सकता है लेकिन बावजूद इसके बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है. भारी बोझ वाले काम से बचना है, आपके दोस्त ज्याद एक्सरसाइज करते हैं यह सोचकर देर तक व्यायाम या फिर एक्सरसाइज न करें. स्ट्रेचिंग करते समय सावधानी बरतें. यदि आपको गठिया के कारण जोड़ों में दर्द है, तो आपको जिन व्यायामों से बचना चाहिए उनमें दौड़ना, उच्च प्रभाव वाले एरोबिक्स और रस्सी कूदना शामिल हैं.
कंधे में दर्द के समय इन गलतियों से बचें: दौड़ सिर्फ घुटने के दर्द के लिए हानिकारक नहीं है बल्कि यह कंधे, कमर, एल्बो के जोड़ों के दर्द के लिए भी घातक है. दौड़ में आपका पूरा शरीर हिलता है जिससे जोड़ों में जोर पड़ता है. दौड़ते समय ध्यान रखना चाहिए की आपकी रीढ़ की हड्डी झुकी न हो. दौड़ने से पहले अपनी बाहों को हिलाना चाहिए और दौड़ने के दौरान उन्हें पूरी तरह से स्वतंत्र छोड़ देना चाहिए.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|
FIRST PUBLISHED : December 16, 2022, 06:30 IST