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वैसे तो शेयर बाजार में निवेश के कई विकल्प हैं लेकिन कम रिस्क के मामले में म्यूचुअल फंड्स को बेहतर माना जाता है। एक्सपर्ट टॉप रेटेड म्यूचुअल फंड्स में निवेश की सलाह देते हैं। ICICI प्रूडेंशियल का काफी अधिक हिस्सा टॉप रेटेड फंडों में है। इसकी ज्यादातर इक्विटी और हाइब्रिड स्कीम टॉप रेटेड यानी 4-स्टार और 5-स्टार हैं। ICICI प्रूडेंशियल के टॉप रेटेड फंड एयूएम (रेगुलर प्लान) की हिस्सेदारी 90 फीसदी है।
ICICI प्रूडेंशियल के मुकाबले एसबीआई म्यूचुअल फंड 69 फीसदी, यूटीआई एमएफ 67 फीसदी, कोटक एमएफ 50 फीसदी, एक्सिस एमएफ 49 फीसदी और निप्पॉन 41 फीसदी है। वहीं, आईडीएफसी एमएफ के पास 4-स्टार और 5-स्टार रेटेड फंडों में अपने व्यक्तिगत एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) का 15 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं, एचडीएफसी एमएफ और आदित्य बिड़ला के पास 10 प्रतिशत भी नहीं है।
डायरेक्ट प्लान में किसकी कितनी हिस्सेदारी: ICICI प्रूडेंशियल के डायरेक्ट प्लान का 84 फीसदी एयूएम 4-स्टार और 5-स्टार फंड में है। इसकी तुलना में बिड़ला की हिस्सेदारी शून्य है जबकि एचडीएफसी की महज 4 फीसदी और आईडीएफसी की 28 फीसदी है। कोटक, निप्पॉन, एसबीआई, एक्सिस और यूटीआई के पास 4-स्टार और 5-स्टार फंड में संबंधित डायरेक्ट प्लान एयूएम का 51-74 फीसदी हिस्सा है।
क्या है मायने: आमतौर पर रिस्क-रिटर्न के आधार पर रेटिंग की जाती है। 5-10 फीसदी फंड को 5-स्टार रेटिंग दी जाती है। वहीं, अगले 15-20 प्रतिशत को 4-स्टार रेटिंग दी जाती है और इसी तरह आगे रेटिंग किया जाता है। यह रेटिंग निवेश के लिए पैसे जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाई रेटिंग का मतलब लॉन्ग टर्म परफॉरमेंस में स्थिरता है। आसान भाषा में कहें तो किसी फंड की रेटिंग अधिक है, तो इसका मतलब है कि फंड ने रिस्क अडजस्ट बेसिस पर बेहतर प्रदर्शन किया है।
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