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हार्वर्ड Vs ट्रंप: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की फंडिंग को रोक दिया है. ट्रंप के आदेश से 7000 विदेशी छात्रों का भविष्य संकट में है. हार्वर्ड ने इसे असंवैधानिक बताया…और पढ़ें
ट्रंप हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खिलाफ सख्त हैं. (File Photo)
हाइलाइट्स
- हार्वर्ड ने ट्रंप के आदेश को कोर्ट में चुनौती दी.
- ट्रंप के आदेश से 7000 विदेशी छात्रों का भविष्य संकट में.
- हार्वर्ड ने ट्रंप के आदेश को असंवैधानिक बताया.
नई दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार सत्ता में आने के बाद से ही हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खिलाफ आक्रामक हैं. ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड की 2.2 अरब डॉलर की फंडिंग रोक दी थी। यहूदी विरोधी भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया गया. ट्रंप द्वारा फंडिंग बंद करने के बाद अब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की तरफ से बड़ा कदम उठाया गया है. उन्होंने सीधे अदालत का रुख करते हुए राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती दे डाली है. कोर्ट में कहा गया कि ट्रंप के आदेश के बाद यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे सात हजार विदेशी छात्रों के भविष्य पर संकट मंडराने लगा है.
7000 विदेशी छात्रों पर लटकी तलवार
बोस्टन की संघीय अदालत में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने ट्रंप प्रशासन के फैसले को चुनौती दी है. ट्रंप ने इससे पहले यूनिवर्सिटी को विदेशी छात्रों के नामांकन से रोकने का आदेश दिया था. हार्वर्ड ने इस कदम को असंवैधानिक बताते हुए इस राजनीतिक दबाव का जवाब देने से इनकार करने की सजा करार दिया. मुकदमे में दावा किया गया है कि यह कार्रवाई देश के प्रथम संशोधन (First Amendment) का उल्लंघन करती है और विश्वविद्यालय के 7,000 से अधिक वीजा धारक छात्रों पर तत्काल नकारात्मक प्रभाव डालेगी. हार्वर्ड का कहना है कि यह कदम विश्वविद्यालय के एक चौथाई छात्रों अंतरराष्ट्रीय छात्रों को प्रभावित करती है.
ट्रंप ने क्यों बंद की थी फंडिंग?
ट्रंप प्रशासन ने इस नीति की घोषणा करते हुए आरोप लगाया कि हार्वर्ड ने अमेरिका-विरोधी, आतंकवाद समर्थक उत्तेजकों को यहूदी छात्रों को निशाना बनाने की अनुमति दी जा रही है. इसके अलावा आंतरिक सुरक्षा विभाग (DHS) ने हार्वर्ड पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) से संबंध रखने का आरोप लगाया. दावा किया कि विश्वविद्यालय ने 2024 तक चीनी अर्धसैनिक समूहों को प्रशिक्षण दिया. जवाब में हार्वर्ड के अध्यक्ष एलन गार्बर ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपनी शासन व्यवस्था में बदलाव किए हैं और यहूदी-विरोधी भावनाओं के खिलाफ व्यापक रणनीति लागू की है. उन्होंने जोर दिया कि हार्वर्ड अपने मूल कानूनी रूप से संरक्षित सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगा.

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें
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