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अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तानी पत्रकार ने पीएम मोदी पर शांति वार्ता में बाधा डालने का आरोप लगाया. प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, अमेरिका का फोकस संघर्षविराम और सीधे संवाद पर है.
पाकिस्तान पत्रकार ने कहा कि ट्रंप अगर कश्मीर मुद्दे पर भारत-पाकिस्तान में शांति ला दें, तो उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिल सकता है. (Image:AP)
हाइलाइट्स
- पाकिस्तानी पत्रकार ने पीएम मोदी पर शांति वार्ता में बाधा डालने का आरोप लगाया.
- अमेरिकी प्रवक्ता ने ट्रंप को शांति समर्थक नेता बताया.
- अमेरिका का फोकस संघर्षविराम और सीधे संवाद पर है.
अमेरिका के विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में अचानक से हलचल तेज हो गई. यहां एक पाकिस्तानी पत्रकार बैठा था, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शांति वार्ता में बाधा डालने का आरोप लगा दिया. उसने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम करवाया, लेकिन पीएम मोदी ने इस पहल का स्वागत नहीं किया.
पत्रकार ने कहा, ‘पाकिस्तान ने ट्रंप के प्रयासों का स्वागत किया और मानता है कि अगर ट्रंप कश्मीर मुद्दे पर भारत-पाकिस्तान में शांति ला दें, तो उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिल सकता है. लेकिन मोदी जी ने इस पहल का स्वागत नहीं किया, क्या इससे अमेरिका निराश है?’
पाकिस्तान पत्रकार के इस सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय में प्रमुख उप-प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने साफ कहा, ‘हमारा फोकस सिर्फ संघर्षविराम पर है. हम यही देखना चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान शांति बनाए रखें और सीधे संवाद करें. यही हमारी प्राथमिकता है.’
ट्रंप को नोबेल?
जब पत्रकार ने फिर दोहराया कि पाकिस्तान मानता है कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए, तो पिगॉट ने जवाब दिया, ‘ट्रंप एक शांति समर्थक नेता हैं. वे डील मेकर भी हैं और हमेशा दुनिया में शांति लाने की कोशिश करते हैं.’
इजरायली ड्रोन पर उठाया सवाल
पाकिस्तानी पत्रकार यहीं नहीं रुका. उसने भारत की तरफ से इजरायली ड्रोन्स के उपयोग पर सवाल उठाया और कहा कि इससे पाकिस्तान-इजरायल संबंध खराब हो सकते हैं, जबकि ट्रंप चाहते हैं कि अब्राहम समझौते के तहत यहूदी, मुस्लिम और ईसाई देश साथ आएं.
इस पर अमेरिकी प्रवक्ता ने फिर साफ कहा कि, ‘हमारा फोकस सिर्फ संघर्षविराम और दोनों पक्षों के बीच सीधे संवाद पर है.’
जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान लगातार गलत जानकारी, आधे सच और झूठ के ज़रिए भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है. जहां एक ओर वह भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए इजरायली ड्रोन्स पर सवाल उठा रहा है, वहीं खुद पाकिस्तान ने चीन के J-10C फाइटर जेट्स, तुर्की के ड्रोन सिस्टम, और चीन की बनी PL-15 मिसाइलें भारत पर हमलों में इस्तेमाल की थीं.
An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T…और पढ़ें
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