Home National डीएम से बदसलूकी करने वाले बीडीओ का क्‍या होगा, क्‍या पुलिस करेगी गिरफ्तार? 

डीएम से बदसलूकी करने वाले बीडीओ का क्‍या होगा, क्‍या पुलिस करेगी गिरफ्तार? 

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डीएम से बदसलूकी करने वाले बीडीओ का क्‍या होगा, क्‍या पुलिस करेगी गिरफ्तार? 

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Misbehavior with Agra DM: आगरा के डीएम से बैठक में अभद्रता करने वाले बीडीओ अनिरुद्ध सिंह चौहान को कार्यमुक्‍त कर दिया गया है। जांच शुरू हो गई है लेकिन फिलहाल बीडीओ की गिरफ्तारी आसान नहीं है। पुलिस उनको पकड़ भी लेगी तो थाने से छोड़ना होगा। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं सात साल कम अपराध वाले मामलों में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की जाए। आरोपित बीडीओ के खिलाफ जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें सात साल से कम सजा का प्रावधान है। मुकदमे में मारपीट की धारा 323 भी लगी है। कोई में इसे साबित करने के लिए मेडिकल जरूरी है। फिलहाल पीड़ित का मेडिकल नहीं हुआ है।

डीएम के शिविर कार्यालय पर बैठक के दौरान बरौली अहीर के बीडीओ अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने डीएम भानु चंद्र गोस्वामी के साथ अभद्रता की थी। इस संबंध में खंदौली के सहायक विकास अधिकारी पंचायत पंकज कुमार ने रकाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और लोक सेवक को अपने कर्तव्यों को करने से रोकने के लिए स्वेच्छा से नुकसान पहुंचाने की धारा के तहत मुकदमा लिखा था। घटना के बाद बीडीओ बैठक से भाग गए थे। मोबाइल बंद कर लिया था। पुलिस ने घटना के बाद बीडीओ की तलाश की थी मगर अब शांत बैठ गई है।

विवेचक दर्ज करेगा बयान 

घटना जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी के साथ हुई है। बैठक में मौजूद सीडीओ प्रतिभा सिंह, बीडीओ अकोला सुष्मिता यादव, बीडीओ एत्मादपुर अमित कुमार, बीडीओ बिचपुरी नेहा सिंह, सहायक विकास (पंचायत) अकोला शैलेंद्र सिंह सोलंकी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) खंदौली पंकज कुमार मौजूद थे। सभी चश्मदीद हैं।

सीसीटीवी फुटेज डिजिटल साक्ष्य

जिलाधिकारी आवास में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। घटना के बाद अनिरुद्ध प्रताप सिंह मौके से भाग गए थे। उनके भागने के सीसीटीवी फुटेज फिलहाल पुलिस ने प्राप्त नहीं किए हैं। फुटेज अहम डिजिटल साक्ष्य हैं।

बीडीओ हुए कार्यमुक्त मुख्यालय लखनऊ भेजे

जिलाधिकारी से अभद्रता करने वाले बीडीओ बरौली अहीर अनिरुद्ध सिंह चौहान को कार्यमुक्त कर दिया है। उन्हें ग्राम्य विकास आयुक्त मुख्यालय लखनऊ भेजा है। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की बैठक में डीएम के सवाल पूछे जाने पर उत्तेजित होकर उनसे अभद्रता करने वाले बरौली अहीर के बीडीओ अनिरुद्ध चौहान के खिलाफ शासन को लिखकर भेजा था। शासन के निर्देश पर उन्हें शनिवार को विकास खंड बरौली अहीर से कार्यमुक्त कर दिया है।

देवेंद्र सिंह बनाए गए कार्यवाहक बीडीओ

सीडीओ प्रतिभा सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर चौहान के स्थान पर बरौली अहीर के संयुक्त बीडीओ देवेंद्र सिंह को कार्यवाहक बीडीओ बनाया है। यहां मनरेगा के कार्यों को शमसाबाद के खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार देखेंगे। इसके अलावा विकास खंड के अन्य कार्य कार्यवाहक बीडीओ देवेंद्र सिंह देखेंगे। सीडीओ ने बताया कि बीडीओ के खिलाफ अन्य विभागीय कार्रवाई शासन स्तर से ही होगी।

क्‍या बोली पुलिस 

डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने मुकदमे के बाद सबूत जुटाना शुरू कर दिया है। विवेचक द्वारा साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

किस धारा में कितनी हो सकती है सजा

वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि सात साल से कम सजा वाले अपराध में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकती। आरोपी को 41(ए) का नोटिस देना होता है। आरोपी को विवेचना में सहयोग करना होता है। यह मुकदमा जिन धाराओं में है, उनमें सात साल से सजा वाली धाराएं लगी हैं।

-धारा 323 मारपीट- एक साल की सजा और जुर्माना। जुर्माना एक हजार रुपये तक हो सकता है।

– धारा 504 गाली गालौज- दो वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

– धारा 506 जान से मारने की धमकी- दो वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

– धारा 332 लोक सेवक को कर्तव्य से रोकना- तीन वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

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