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100 Days of Donald Trump Administration: डोनाल्ड ट्रंप के 100 दिनों में टैरिफ नीति से चीन-अमेरिका के बीच विवाद काफी बढ़ गया. भारत पर भी टैरिफ की घोषणा की, लेकिन स्थगित कर दी. भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद सुलझाने की…और पढ़ें
भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही व्यापार समझौता होने की संभावना है.
हाइलाइट्स
- ट्रंप सरकार के 100 दिन पूरे हुए.
- भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद सुलझाने की दिशा में बढ़ रहे हैं.
- व्यापार समझौते से भारत को टैरिफ से बचाव मिलेगा.
100 Days of Donald Trump Administration: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभाले हुए 100 दिन हो गए हैं. इस दौरान उन्होंने अपनी टैरिफ नीति से दुनिया में भूचाल ला दिया है. चीन और अमेरिका के बीच टैरिफ के मसले पर विवाद काफी आगे बढ़ गया. ट्रंप ने अपने करीबी मित्रों को भी नहीं छोड़ा. उन्होंने भारत के खिलाफ पर टैरिफ की घोषणा कर दी. हालांकि उन्होंने कुछ ही दिनों के इसे अगले कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया. इस बीच भारत और अमेरिका इस टैरिफ विवाद को सुलझाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने भी खुद मंगलवार को कहा कि भारत के साथ टैरिफ पर बातचीत बहुत अच्छी चल रही है और उन्हें विश्वास है कि दोनों देश जल्द ही एक व्यापार समझौता कर लेंगे. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम भारत के साथ समझौता कर लेंगे.
यह बयान ट्रंप ने तब दिया जब उनसे भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता के बारे में पूछा गया. ट्रंप ने यह भी बताया कि हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्हाइट हाउस का दौरा किया था और वह इस समझौते को लेकर उत्सुक हैं.
टैरिफ से बचाएगा समझौता
ट्रंप का यह बयान अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत उन पहले देशों में होगा जो अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देगा. बेसेंट ने यह भी कहा था कि यह समझौता भारत को अमेरिका के जवाबी टैरिफ से बचाने में मदद करेगा.
दरअसल, ट्रंप ने दो अप्रैल को भारत, चीन और कई अन्य देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की थी. इसमें सभी देशों से आयात पर 10 प्रतिशत का सामान्य शुल्क और इस्पात, एल्यूमीनियम और मोटर वाहन प्रोडक्ट पर 25 प्रतिशत का विशेष शुल्क शामिल था. हालांकि, 9 अप्रैल को ट्रंप ने चीन और हांगकांग को छोड़कर बाकी देशों के लिए इन शुल्कों को 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि करीब 75 देशों ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के लिए संपर्क किया था. फिर भी 10 प्रतिशत का सामान्य शुल्क और 25 प्रतिशत का विशेष शुल्क अभी भी लागू है.
भारत और अमेरिका व्यापार संबंध
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंध लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में टैरिफ और व्यापार नीतियों को लेकर कुछ तनाव भी देखा गया है. ट्रंप की नीतियां अमेरिका फर्स्ट पर आधारित हैं, जिसके तहत वह अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आयात पर सख्ती बरत रहे हैं. दूसरी ओर भारत भी अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रमों पर जोर दे रहा है. ऐसे में, दोनों देशों के बीच एक संतुलित व्यापार समझौता दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत और अमेरिका के बीच समझौता होता है तो यह भारत के निर्यात को बढ़ाने और अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच को आसान बनाने में मदद करेगा. खासकर भारत के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा और कृषि उत्पादों के निर्यात में वृद्धि की संभावना है. दूसरी ओर, अमेरिका भारत के बड़े बाजार का फायदा उठा सकता है, खासकर ऊर्जा, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में.
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