हाइलाइट्स
यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड ने एक बयान में कहा कि घटना 21 दिसंबर की है
चीनी विमान ने अमेरिकी वायु सेना विमान के सामने असुरक्षित तरीके से उड़ान भरी
अमेरिकी विमान आरसी-135 को टक्कर से बचने के लिए अपना रास्ता बदलना पड़ा
वॉशिंगटन. दक्षिण चीन सागर में अमेरिका और चीन के लड़ाकू विमानों के आमने-सामने आने की घटना ने दोनों देशों के बीच के तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है. न्यूज़ एजेंसी AFP ने अमेरिकी सेना के हवाले से गुरुवार को बताया कि दक्षिण चीन सागर के ऊपर अमेरिकी वायु सेना के एक निगरानी विमान के 20 फीट (छह मीटर) के दायरे में एक चीनी लड़ाकू विमान ने खतरनाक तरीके से उड़ान भरी. यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड ने एक बयान में कहा कि 21 दिसंबर की घटना में, एक चीनी नौसेना J-11 लड़ाकू पायलट ने अमेरिकी वायु सेना RC-135 विमान के सामने असुरक्षित तरीके से उड़ान भरते हुए अवरोध पैदा किया.
आगे बयान में बताया गया कि चीनी पायलट ने अमेरिकी विमान की नाक के सामने और 20 फीट के भीतर उड़ान भरी जिससे आरसी-135 को टक्कर से बचने के लिए अपना रास्ता बदलना पड़ा. अमेरिकी कमान ने कहा कि आरसी-135 कानूनी रूप से दक्षिण चीन सागर के अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में नियमित उड़ान भर रहा था. यह घटना तब हुई जब चीन ने शक्ति प्रदर्शन के रूप में ताइवान की ओर समुद्र के ऊपर युद्धक विमानों के समूह को भेजा था.
बीजिंग द्वारा ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में सैन्य विमान तैनात करने के बाद से अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में चीनी सेना ने ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास में दर्जनों लड़ाकू जेट सहित 71 युद्धक विमानों को उड़ाकर अमेरिका को बड़ा संदेश दिया था. वहीं पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने कहा कि उसने संयुक्त राज्य अमेरिका और ताइवान के बीच चल रहे गठजोड़ के जवाब में रविवार को स्ट्राइक ड्रिल का आयोजन किया था. एएफपी के एक डेटाबेस के अनुसार, इस साल अब तक चीन की ताइवान के हवाई क्षेत्र में 1,700 से अधिक ऐसी घुसपैठ हुई है, जबकि 2021 में यह संख्या 969 थी. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने 2020 में लगभग 380 घुसपैठ दर्ज की.
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Tags: China, Fighter jet, Taiwan, USA
FIRST PUBLISHED : December 30, 2022, 11:31 IST