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Wholesale Inflation : थोक महंगाई के बाद अब खुदरा महंगाई में भी बड़ी गिरावट दिख रही है. उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि थोक मूल्य आधारित महंगाई दर अप्रैल में 13 महीने के निचलते स्तर पर आ गई है.
अप्रैल में थोक महंगाई सूचकांक 13 महीने के निचले स्तर पर आ गया है.
हाइलाइट्स
- थोक महंगाई दर अप्रैल में 0.85% पर आई.
- खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 0.86% की गिरावट.
- खुदरा महंगाई दर भी 3.16% पर आई.
नई दिल्ली. खुदरा महंगाई के बाद अब थोक महंगाई की दर में भी बड़ी गिरावट दिख रही है. उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को आंकड़े जारी कर बताया कि खाद्य वस्तुओं, विनिर्मित उत्पादों और ईंधन की कीमतों में कमी आने से अप्रैल में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई घटकर 0.85 फीसदी रह गई. यह थोक महंगाई का 13 महीने में सबसे निचला स्तर है. इससे पहले मार्च महीने में थोक महंगाई 2.05 फीसदी और पिछले साल अप्रैल में 1.19 फीसदी रही थी.
उद्योग मंत्रालय ने बताया कि अप्रैल में दर्ज 0.85 फीसदी थोक मूल्य सूचकांक की दर मार्च, 2024 के बाद से सबसे कम है. उस समय यह 0.26 फीसदी के स्तर पर थी. मंत्रालय का कहना है कि मुख्य तौर पर खाद्य उत्पादों, विनिर्माण, रसायनों व रासायनिक उत्पादों, अन्य परिवहन उपकरणों के विनिर्माण, मशीनरी और उपकरणों के विनिर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि इसकी मुख्य वजह रही है. अप्रैल में खाद्य, ईंधन तथा बिजली के साथ-साथ विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में कमी से इसमें नरमी आई है. थोक महंगाई घटने से खुदरा महंगाई भी नीचे आती है और लोगों को सस्ती कीमत पर सामान मिलता है, जिससे बचत बढ़ती है.
किस चीज की कीमत ज्यादा घटी
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में अप्रैल में 0.86 फीसदी की गिरावट आई. मार्च में खाद्य उत्पादों की महंगाई दर 1.57 फीसदी थी. अप्रैल में सब्जियों की महंगाई दर 18.26 फीसदी रही, जबकि मार्च में यह 15.88 फीसदी रही थी. इस दौरान प्याज की महंगाई दर घटकर 0.20 फीसदी रह गई, जो मार्च में 26.65 फीसदी थी. इसके अलावा फलों की मुद्रास्फीति महंगाई दर घटकर 8.38 फीसदी पर आ गई, जो पिछले महीने 20.78 फसीदी थी. आलू और दालों कीमतों में भी क्रमशः 24.30 फीसदी और 5.57 फीसदी की कमी आई है.
आगे भी कम रहेगी महंगाई दर
बार्कलेज ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि आने वाले महीनों में भी थोक महंगाई की दर कम ही रहने का अनुमान है. ईंधन व बिजली की महंगाई दर में अप्रैल में 2.18 फीसदी की कमी आई, जबकि मार्च में इन उत्पादों की महंगाई दर 0.20 फसीदी थी. अप्रैल में विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर 2.62 फीसदी रही, जबकि मार्च में यह 3.07 फीसदी थी. रेटिंग एजेंसी इक्रा के वरिष्ठ अर्थशास्त्री राहुल अग्रवाल ने बताया कि केरल में समय से पहले मानसून आने और देश में सामान्य से अधिक मानसून रहने के अनुमान फसल उत्पादन के लिए सकारात्मक है. इससे महंगाई दर को काबू में रखने में मदद मिलेगी.
खुदरा महंगाई में भी बड़ी गिरावट
थोक महंगाई के साथ ही अप्रैल में खुदरा महंगाई की दर भी नीचे आ गई है. अप्रैल में यह 3.16 फीसदी के साथ ही 6 साल के निचले स्तर पर आ गई है. खुदरा महंगाई में इस गिरावट के बाद अनुमान है कि जून महीने में एक बार फिर आरबीआई रेपो रेट घटा सकता है. इससे पहले जुलाई, 2019 में खुदरा महंगाई की दर 3.15 फीसदी रही थी. इससे पहले मार्च, 2025 में खुदरा महंगाई 3.34 फीसदी और अप्रैल, 2024 में 4.83 फीसदी रही थी.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें
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