Home National दिल्‍ली की पहली किन्‍नर पार्षद बॉबी ने बताया, इलाके में क्‍या करेंगी सबसे पहला काम

दिल्‍ली की पहली किन्‍नर पार्षद बॉबी ने बताया, इलाके में क्‍या करेंगी सबसे पहला काम

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दिल्‍ली की पहली किन्‍नर पार्षद बॉबी ने बताया, इलाके में क्‍या करेंगी सबसे पहला काम

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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली नगर निगम के चुनावों में इस बार आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है. हालांकि इस सबके बीच एक और खास चीज हुई है और वह है, दिल्‍ली में पहली बार एक किन्‍नर को पार्षद चुना गया है. सुल्‍तानपुरी के वार्ड नंबर 45 से आम आदमी पार्टी की उम्‍मीदवार किन्‍नर बॉबी ने जीत हासिल की है. एमसीडी चुनावों में बॉबी ने कांग्रेस की वरुणा ढाका को 6,714 वोटों से हराया है. बॉबी आज भले ही पहली किन्‍नर पार्षद बनी हैं लेकिन उनकी पहचान समाजसेवा के क्षेत्र में काफी सालों से है.

एमसीडी चुनाव में सुल्तानपुरी के वार्ड 45 से से जीत हासिल करने वाली पहली किन्‍नर बॉबी से न्‍यूज18 हिंदी ने बातचीत की है. इस दौरान उन्‍होंने बतौर किन्‍नर अपनी जिंदगी, सार्वजनिक जीवन का सफर, नगर निगम पार्षद बनने और अब पार्षद बनकर तय किए गए लक्ष्‍यों को लेकर विस्‍तार से बताया है.

सवाल. आप दिल्‍ली की शायद पहली किन्‍नर पार्षद हैं, आपको बधाई.
जवाब. जी बहुत बहुत धन्‍यवाद. दिल्‍ली के बाहर तो ट्रांसजेंडर पार्षद हुए हैं लेकिन मैं किन्‍नर हूं और दिल्‍ली की पहली किन्‍नर पार्षद हूं.

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सवाल. एमसीडी पार्षद के लिए चुनाव लड़ने की शुरुआत कैसे हुई?
जवाब. मैं अन्‍ना हजारे आंदोलन से जुड़ी हुई थी. 2011 में पहला अन्‍ना हजारे आंदोलन दिल्‍ली में हुआ था तो मैं उसका सक्रिय हिस्‍सा थी. उसके बाद जब आम आदमी पार्टी बनी तो मैंने पार्टी ज्‍वॉइन की और बतौर आप कार्यकर्ता काम कर रही थी. इसके साथ ही लंबे समय से समाजसेवा कर रही हूं. मेरे सामाजिक कार्य और बतौर कार्यकर्ता काम को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने मुझे सुल्‍तानपुरी वार्ड नंबर 45 से टिकट दिया और लोगों के अपार सहयोग से मैं चुनाव जीत गई.

सवाल. समाजसेवा में कब से आना हुआ, क्‍या काम करती हैं आप?
जवाब. चूंकि मैं एक किन्‍नर हूं और भारतीय समाज में किन्‍नरों का काम शादी-समारोहों, बच्‍चों के जन्‍म या शुभ मौकों पर जाकर दुआएं और बधाई देना, आर्शीवाद देना है और उनसे मिली बख्‍शीस से गुजारा करना है तो वह पारंपरिक काम तो है ही लेकिन मैं कुछ अलग करने की ललक के तहत हिंदू युवा समाज एकता एनजीओ चलाती हूं और आतंकवाद विरोधी समिति की दिल्‍ली प्रदेश अध्‍यक्ष भी हूं. मैं अपने एनजीओ के माध्‍यम से जनता के बीच में जाकर काम करती आ रही हूं. मैंने अभी तक करीब 100-150 गरीब लड़कियों की शादी कराई है. 50 विधवा महिलाओं को भी मैं राशन देती हूं. जो मजबूर लोग आते हैं उनको भी मैं राशन देती हूं. अन्‍ना हजारे आंदोलन से पहले यानि करीब 15 साल से मैं ये सोशल वर्क कर रही हूं.

सवाल. सुल्‍तानपुरी में आपको इतना समर्थन मिला, क्‍या वहां किन्‍नर समुदाय है?
जवाब. यहां किन्‍नर समुदाय तो इतना नहीं है लेकिन मेरे क्षेत्र की जनता मुझे बहुत सालों से बखूबी जानती है. मुझे बहुत प्‍यार करती है. मुझे जो अपार समर्थन मिला है उसके लिए मैं शुक्रगुजार हूं.

सवाल. बतौर किन्‍नर आपका सफर कितना मुश्किल रहा है
जवाब. एक किन्‍नर का जीवन कैसा होता है, इसे बताने की जरूरत तो नहीं है. उसका कोई बचपन नहीं होता. खेलने-कूदने की उम्र में समाज के ताने, उलाहने, उपेक्षा और नफरत ही मिलती है. ये किन्‍नर है, ये हिजड़ा है, बस यही सुनने को मिलता था. जब मैं छोटी थी तो पड़ोसी अपने बच्‍चों को मेरे साथ खेलने नहीं देते थे, कहते थे. पढ़ाई-लिखाई भी कुछ समय में बंद हो गई. यह सब देखकर बहुत रोना आता था, कभी कभी लगता था क्‍यों न मर ही जाऊं. पर उस कठिन समय में रहते-रहते आदत हो गई. अब तो लोग बहुत प्‍यार करते हैं.

सवाल. आप कहां से हैं, परिवार कहां रहता है, कभी आप उनसे मिलती हैं?
जवाब. आम महिला और पुरुषों की तरह हमारा परिवार तो होता नहीं है. ए‍क किन्‍नर का परिवार तो उसका हिजड़ा समुदाय ही होता है. हमारे गुरु ही हमारे मां-बाप होते हैं लेकिन मेरा जन्‍म यहीं दिल्‍ली के सुल्‍तानपुरी के इसी वार्ड में ही हुआ था, मैं वहीं पली-बढ़ी. वहीं मुझे जन्‍म देने वाली मां और भाई-बहन रहते हैं. कभी-कभी उनसे फोन पर बात भी होती है, मिलना भी हो जाता है. 14 साल की उम्र में किन्‍नर समुदाय में शामिल हो गई और शादियों में नाचने का काम किया. मैं पिछले 15 सालों से उसी इलाके में काम कर रही हूं, फिर वहीं से चुनाव भी लड़ा है. मेरे काम को देखकर उन्‍हें अब खुशी भी होती है. उन्‍होंने मुझे चुनाव में भी बहुत सपोर्ट किया. जब मैं पार्षद बनी तो मां बहुत खुश हुई.

सवाल. आपने शिक्षा कहां तक हासिल की है
जवाब. मैंने बहुत ज्‍यादा तो नहीं लेकिन हां 10वीं तक पढ़ाई की है. थोड़ा बहुत हिंदी-अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी है. जब से मैंने एनजीओ का काम शुरू किया है तब से कई बार स्‍कूलों में जाना होता है, वहां बच्‍चों से मिलती हूं, बहुत अच्‍छा लगता है. कई बार अपने समुदाय के हितों के लिए बड़े मंचों पर भी बोलने का मौका मिला है. बहुत सम्‍मान भी मिला है.

सवाल. बतौर पार्षद आप जनता के लिए सबसे पहले क्‍या करेंगी.
जवाब. आज से पहले हमारे वार्ड में बीजेपी और कांग्रेस के पार्षद रहे हैं. मैं लगातार जनता के बीच रहती हूं, ऐसे में उनकी प्रमुख समस्‍याएं जो मुझे मिलीं हैं सबसे पहले उन्‍हीं को ठीक कराया जाएगा. इनमें वार्ड में गंदगी की समस्‍या सबसे बड़ी है. साफ सफाई न होना, स्‍ट्रीट लाइटें न होना, जगह-जगह सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, अधिकांश पार्क गंदे पड़े हैं, सार्वजनिक शौचालय हैं लेकिन वे इतनी खराब स्थिति में हैं कि उनका उपयोग नहीं किया जा सकता, ऐसे में बतौर पार्षद ये सभी चीजें मेरे अधिकार क्षेत्र में हैं तो इन समस्‍याओं को दूर करूंगी.

सवाल. आप किन्‍नर हैं तो आपसे इस समुदाय को भी कुछ उम्‍मीदें होंगी, क्‍या करेंगी
जवाब. हां निश्चित ही. इसके अलावा मैं किन्‍नर समुदाय से हूं तो इस समुदाय के प्रति भी मेरी जिम्‍मेदारी है. मैं किन्‍नरों के अधिकारों के अलावा उनकी पढ़ाई के इंतजाम करने पर फोकस करूंगी ताकि एमसीडी स्‍कूलों में किन्‍नर बच्‍चे भी पढ़ें. किन्‍नर समाज के जो भी बुजुर्ग किन्‍नर होते हैं, उनकी देखभाल के लिए विशेष शेल्‍टर होम बनाने की दिशा में काम करूंगी. मैं चाहती हूं कि अगर मैं इस समुदाय से आई हूं तो ऐसा काम करूं कि आदर्श कहलाऊं.

सवाल. आपकी कोर टीम में क्‍या किन्‍नर होंगे या आम लोग
जवाब. हां सभी की कोर टीम होती है, मेरी भी ऐसी एक विशेष टीम होगी. इसमें मेरे किन्‍नर समुदाय के कुछ लोग होंगे, इसके अलावा मेरे क्षेत्र के समाजसेवी लोग भी शामिल होंगे और हम सब मिलकर अपने वार्ड को बेहतरीन बनाएंगे.

सवाल.आप सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलीं, क्‍या कहा उन्‍होंने
जवाब. उन्‍होंने हमें ईमानदारी से काम करने का मूलमंत्र दिया है. दिल्‍ली के सीएम केजरीवाल खुद भी दिल्‍ली में काम के आधार पर वोट मांगते हैं. ऐसे में हम भी चाहते हैं कि हम भी अपने काम के आधार पर जाने जाएं.

सवाल. आपका एक पुश्‍तैनी या पारंपरिक काम है बधाई और दुआएं देने का, क्‍या पार्षद बनने के बाद वो जारी रहेगा ?

जवाब. इस काम से ही तो हमारी पहचान है. उसे नहीं छोड़ सकते. मैं आज पार्षद जरूर हूं लेकिन मेरी पहचान एक किन्‍नर की है. इसलिए अपने पार्षद के कर्तव्‍यों से जब भी समय मिलेगा मैं अपने किन्‍नर समाज के लोगों के साथ बधाई और दुआएं देने का काम करती रहूंगी.

Tags: Aam aadmi party, Arvind Kejriwal led Delhi government, Delhi MCD Election 2022, Delhi news

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