Home Education & Jobs नई शिक्षा नीति से बदली हिन्दी भाषा की सूरत, रोजगार की भाषा बन गई हिन्दी

नई शिक्षा नीति से बदली हिन्दी भाषा की सूरत, रोजगार की भाषा बन गई हिन्दी

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नई शिक्षा नीति से बदली हिन्दी भाषा की सूरत, रोजगार की भाषा बन गई हिन्दी

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हिन्दी भी दूसरी भाषाओं के साथ तरक्की कर रही है। अब हिन्दी किस्सा, कहानी, आलोचना, कविता के लिए नहीं बल्कि रोजगार के लिए भी जानी जाने लगी है। प्रेमचंद, निराला, तुलसी, कबीर और सूरदास की रचनाओं से अलग भी

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