Home National नमामि गंगे का मामला था… जेल जाते समय कोर्ट पर कुछ नहीं कहकर भी बहुत कुछ बोल गए धनंजय सिंह

नमामि गंगे का मामला था… जेल जाते समय कोर्ट पर कुछ नहीं कहकर भी बहुत कुछ बोल गए धनंजय सिंह

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नमामि गंगे का मामला था… जेल जाते समय कोर्ट पर कुछ नहीं कहकर भी बहुत कुछ बोल गए धनंजय सिंह

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यूपी के जौनपुर से पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह को मंगलवार को नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर के अपहरण के मामले में दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया गया। इस दौरान धनंजय सिंह का दबदबा साफ दिखाई दिया। पुलिस की गाड़ी में बैठने से पहले धनंजय ने मीडिया से बात की और कोर्ट पर कुछ नहीं कहकर भी बहुत कुछ बोल गए। धनंजय सिंह को अपहरण और रंगदारी जैसे आपराधिक मामले में दोषी ठहराते हुए जेल रवाना किया गया तो वह पुलिस की गाड़ी में के पास ही मीडिया से बात की। पुलिस ने भी उन्हें रोकने की कोशिश तक नहीं की। 

कोर्ट के फैसले और अगले कदम पर धनंजय सिंह ने कहा कि न्यायपालिका पर कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन यह करप्शन का मामला था, सभी को मालूम है। नमामि गंगे का जिस तरीके से काम चल रहा था, वही इश्यू था। सारी चीजें हो गई थीं। एफआईआर कर्ता ने एफिडेविट दी थी, सारी चीजें हो गई थीं। अननेसेसरी का..इस तरह का …आई डोंट नो वाट हैपनिंग। अब कल देखते हैं, कल पहले फैसला आने दीजिए। 

अपहरण और रंगदारी में धनंजय सिंह दोषी करार, कल सजा का ऐलान, जेले भेजे गए

असल में धनंजय सिंह जिस एफिडेविट की बात कर रहे हैं वह केस दर्ज कराने वाले नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर ने दी थी। इसमें उसने अपने आरोपों को वापस ले लिया था। यह भी कहा था कि केस दर्ज कराते समय वह तनाव में था। जबकि एफआई के समय उसने आरोप लगाया था कि धनंजय के साथियों ने उसका अपहरण किया। धनंजय के पास लाकर उसे छोड़ा। इस दौरान धनंजय ने पिस्टल दिखाते हुए धमकाया और सड़क में कम गुणवत्ता की सामग्री लगाने की हिदायत देने के साथ ही रंगदारी मांगी थी। उसकी ओर से गवाही देने वाले जेई भी बाद में मुकर गया था। वह पक्षद्रोही हो गया था। 

कोर्ट ने धनंजय को जिन धाराओं में दोषी करार दिया है उसमें दो या उससे ज्यादा की सजा होना तय माना जा रहा है। ऐसे में इस लोकसभा चुनाव में धनंजय सिंह का उतरना खतरे में पड़ गया है। धनंजय सिंह ने तीन दिन पहले ही जौनपुर से दोबारा चुनाव लड़ने का सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ऐलान कर दिया था।

पहले वह भाजपा या जदयू से टिकट लेना चाहते थे लेकिन जदयू को यूपी में भाजपा ने कोई सीट नहीं दी है। भाजपा ने जौनपुर से अपना प्रत्याशी भी उतार दिया है। प्रत्याशी की घोषणा के तुरंत बाद ही धनंजय ने एक्स पर पोस्ट डाली थी। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि वह अपनी पत्नी को मैदान में उतार सकते हैं। हालांकि उनकी पत्नी पहले से ही जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।

कई गाड़ियों के काफिले संग कोर्ट पहुंचे, वापसी में पुलिस की गाड़ी से जेल

दोपहर करीब ढाई बजे का समय, जनपद न्यायालय के बाहर कई गाड़ियों का अचानक काफिला पहुंचा। चुनावी माहौल के बीच एकाएक इतनी गाड़ियां देखकर आसपास के लोगों व अधिवक्ताओं को चुनावी कैंपेन ही लगा, लेकिन थोड़ी देर बाद जब पूर्व सांसद धनंजय कोर्ट में पहुंचे तो पता चला कि आज अपहरण मामले में सुनवाई है। साढ़े तीन बजे वह विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए शरद कुमार त्रिपाठी के न्यायालय में धनंजय सिंह अपने साथी संग पेश हुए। उस वक्त बाहरर समर्थक काफी संख्या में थे। कोर्ट में जब न्यायाधीश फैसला पढ़ रहे थे तो धनंजय बड़े ही ध्यान से सुन रहे थे।

जज ने जैसे ही कहा कि अपहरण, रंगदारी, धमकी, गाली-गलौज व षड्यंत्र की धाराओं में दोषी करार दिया जाता है, वैसे ही धनंजय स्तब्ध रह गए। वह एक बार अपने अधिवक्ता की ओर देखकर कुछ बोले फिर बाहर खड़े समर्थकों की ओर देखा। इसके बाद चेहरा झुक गया। बाहर खड़े समर्थक भी अचानक खामोश हो गए।

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