सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या: सावन का पवित्र महीना चल रहा है. इस पवित्र महीने में भगवान शंकर की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना की जाती है. इस बार सावन अधिकमास की वजह से दो महीने का हो गया. यह संयोग 19 साल बाद बना है. वहीं नागपंचमी पर भी एक अद्भुत संयोग बन रहा है.
हिंदू पंचांग के मुताबिक, सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाएगा. नागपंचमी के दिन नागों की पूजा आराधना करने का विधान है. सावन का सोमवार और नागपंचमी का पर्व एक ही दिन होने की वजह से इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है.
अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि लगभग 24 वर्ष बाद ऐसा शुभ संयोग बन रहा है जब सावन का सोमवार और नागपंचमी का पर्व एक साथ मनाया जाएगा. सावन का सातवां सोमवार भी 21 अगस्त को है और 21 अगस्त को ही नागपंचमी का पर्व भी है. इस दिन चित्रा नक्षत्र भी रहेगा और शुभ नामक योग का निर्माण भी हो रहा है. इस साल नागपंचमी का पर्व भी अधिक मास के बाद सावन के सोमवार के दिन पड़ रहा है, ऐसा संयोग 24 साल बाद बन रहा है.सावन सोमवार के दिन नागपंचमी
ज्योतिषी ने बताया अगर जातक इस दिन विधि-विधान पूर्वक भगवान शंकर के गण नाग देवता की पूजा आराधना करते हैं. साथ ही सोमवार के दिन की वजह से भगवान शंकर की आराधना करते हैं तो उन्हें दोगुना फल की प्राप्ति होगी. इस साल इस दुर्लभ संयोग को बहुत ही खास माना जा रहा है.
(NOTE: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं. NEWS18 LOCAL किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है.)
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FIRST PUBLISHED : August 20, 2023, 19:57 IST