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‘बांग्लादेश को दिखाना संप्रभुता के लिए खतरा’
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भी इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है। इस बीच अवामी लीग के गठबंधन में शामिल जासाद पार्टी के नेता हसनूल हक इनू ने कहा कि 1947 के बाद के राजनीतिक नक्शे में अखंड भारत जैसी कोई चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की संसद में अविभाजित भारत को दिखाया जाना अवांछित है। उन्होंने आशा जताई कि भारतीय अधिकारी इसमें संसोधन करेंगे और सही नक्शा प्रदर्शित करेंगे।
वहीं विपक्षी खालिदा जिया की बीएनपी ने इसका विरोध किया है और इस तरह के नक्शे को बनाए जाने का विरोध किया है। बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि किसी दूसरे देश के अविभाजित नक्शे में बांग्लादेश को दिखाना देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए खतरा है। उन्होंने दावा किया कि यह बांग्लादेश का अपमान है। इससे पहले नेपाल के नेताओं और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस भित्तिचित्र पर कड़ी आपत्ति जताई थी। बांग्लादेश के कई और दलों ने इस भित्तिचित्र का विरोध किया है। वहीं बांग्लादेश के कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बांग्लादेश सरकार को इस बारे में भारत से सफाई मांगना चाहिए।
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