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Medicinal Juice: सहरसा के लालमणि 20 रुपए में औषधीय जूस बेचते हैं, जो कई बीमारियों में फायदेमंद है. यह जूस पपीता, एलोवेरा, नीम आदि पत्तों से बनता है और पेट, किडनी, बुखार जैसी समस्याओं में लाभकारी है.

बदलते मौसम और अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग अपनी समस्या को लेकर परेशान रहते हैं लेकिन सहरसा का एक ऐसा शख्स है जो लोगों को महज 20 रुपए में अमृत पिला रहा है, यानी जड़ी बूटी से तैयार जूस लोगों को पिला रहे है.

दरअसल, सहरसा जिले के सौर बाजार के रहने वाले लालमणि लोगों को औषधीय गुण वाला जूस पिला रहे हैं. इस जूस में कई औषधीय पौधों के पत्ते डाले जाते हैं और उसे तैयार कर जूस बनाया जाता है. प्रति क्लास जूस की कीमत 20 है. लालमणि का दावा है कि यह जूस न केवल सेहत का ख्याल रखता है बल्कि कई बीमारियों को भी मात देता है.

प्रतिदिन सुबह में लोगों की भीड़ जुटती है और पूरे दिन लोगों का आना-जाना लगा रहता है. इस जगह पर आपको नेचुरल जूस पीने को मिलेगा. लालमणि का यह भी दावा है कि यह जूस कई बीमारियों में फायदेमंद है. यह जूस पीने से पेट की समस्या, गैस, पेट में पथरी, किडनी में पथरी, बुखार सहित सभी रोगों के लिए रामबाण है. यह जूस कई बीमारियों को दूर रखता है और बीमारियों को शरीर में आने नहीं देता है. देखा जाए तो पुराने दौर के लोग नेचुरल जूस का सेवन ज्यादा किया करते थे.

जानकारी देते हुए लालमणि योगाचार्य ने बताया कि मेरे यहां नेचुरल जूस तैयार होता है जिसे पीने के लिए अलग-अलग जगहों से लोग आते हैं. खासकर सुबह में भीड़ ज्यादा रहती है. खाली पेट में यह जूस पीने से शरीर को कई फायदा पहुंचाता है जिस वजह से सुबह में लोग इस जूस का सेवन ज्यादा करते हैं. नेचुरल पत्ता से यह जूस तैयार किया जाता है. यह जूस पीने से कई बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है.

जूस को तैयार करने में पपीते का पत्ता, एलोवेरा, अमरूद का पत्ता, करेला, चुकंदर, भृंगराज, अर्जुन की छाल, नीम का पत्ता, कल्पनाथ, पत्थरचट्टा का पत्ता, पथरी को गलाने में सबसे बड़ा योगदान इस पत्ता का होता है. सहजन का पत्ता, गुड़मही का पत्ता, सहित अन्य नेचुरल पत्तों से जूस तैयार किया जाता है.

बदलते मौसम के कारण लोग काफी बीमार हो रहे हैं. वहीं, हर व्यक्ति अगर इस तरह का जूस का सेवन कर ले तो उन्हें कभी किसी चीज की कोई बीमारी नहीं होगी. वह बीमारियों से दूर रहेगा. पुराने दौर में लोग किसी तरह के जूस का सेवन करते थे जिस वजह से लोग काफी स्वस्थ और तंदुरुस्त रहते थे.
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