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हाइलाइट्स
पितृ पक्ष में दिवंगत परिजनों की आत्मा की शांति, मोक्ष और आत्म तृप्ति के लिए श्राद्ध करते हैं.
जो लोग पितरों का अनादर करते हैं, उनके लिए दान, तर्पण आदि नहीं करते, वे अभावग्रस्त रहते हैं.
पितरों का अनादर करने से व्यक्ति को धन हानि या धन संकट से जूझना पड़ता है.
पितृ पक्ष का प्रारंभ भाद्रपद पूर्णिमा से होता है और यह आश्विन अमावस्या तक रहता है. पितृ पक्ष में हम अपने दिवंगत परिजनों की आत्मा की शांति, मोक्ष और आत्म तृप्ति के लिए श्राद्ध करते हैं. जिनके पितर नाराज होते हैं, वे अपने पितरों को प्रसन्न करने के उपाय करते हैं. पितृ दोष शांति के लिए भी कई प्रकार के उपाय हैं. इन सबसे इतर, जो लोग पितृ पक्ष में अपने पितरों के लिए श्राद्ध, पिंडदान, तर्पण आदि नहीं करते हैं, उनको जीवन में कई तरह की परेशानियों को झेलना पड़ता है.
काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट कहते हैं कि पितृ पक्ष पितरों के सम्मान के लिए है. जो लोग अपने पितरों का अनादर करते हैं, उनके लिए दान, तर्पण आदि नहीं करते हैं, उनका परिवार अभावग्रस्त रहता है. अन्न, धन, सुख, शांति सब चीजों की कमी से जूझना पड़ता है. मान्यता है कि मृत्यु के बाद पितृ लोक में पितर निवास करते हैं, वे पितृ पक्ष में धरती पर आते हैं ताकि उनके वंश उनको तृप्त करें. जो लोग पितरों की अनदेखी करते हैं, उनको 5 प्रमुख समस्याओं का सामना करना पड़ता है, वे पितृ दोष से पीड़ित होते हैं. इस साल 29 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू होने वाला है.
पितरों का अनादर करने से आती हैं 5 मुसीबतें
1. गृह कलेश
पितरों के नाराज होने या पितृ दोष होने से व्यक्ति के परिवार में सुख और शांति नहीं रहती है. हमेशा घर में कलेश मचा रहता है. परिवार के सदस्यों के बीच विश्वास खत्म होता है, वाद विवाद की स्थितियां रहती हैं. परिवार में हमेशा अशांति की स्थिति बनी रहती है.
2. धन हानि
पितरों का अनादर करने से व्यक्ति को धन हानि या धन संकट से जूझना पड़ता है. आप जहां पर धन का निवेश करेंगे, वहां आपका पैसा डूब सकता है, जिसे धन से मदद करेंगे, वह आपको रुपए नहीं लौटाएगा. ऐसी मान्यता है कि पितरों के श्राप से धन-संपत्ति में कमी होने लगती है. परिवार से धन, वैभव, समृद्धि आदि दूर होते चले जाते हैं.
3. संतानहीन
पितरों की नाराजगी के कारण आप संतानहीन हो सकते हैं. आप संतान सुख से वंचित हो सकते हैं. वंश की वृद्धि नहीं होती है. पुत्र का सुख प्राप्त नहीं होता है. पितर श्राप देते हैं कि वंश से उनको सुख प्राप्त नहीं हो रहा, वे तृप्त नहीं हो रहे हैं तो उनको भी वंश का सुख प्राप्त न हो.
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4. करियर में बाधा
जिन लोगों पर पितृ दोष लगा होता है, उनको अपने करियर में भी समस्याएं झेलनी पड़ती हैं. अचानक से नौकरी छूट जाती है, नौकरी नहीं मिलती, जो काम शुरू करते हैं, वह असफल हो जाता है, बिजनेस में घाटा उठाना पड़ता है. एक तरह से कहें तो उनका करियर डवांडोल ही रहता है.
5. खराब सेहत
पितरों की नाराजगी के कारण परिवार के सदस्यों की सेहत खराब हो सकती है. परिवार का एक सदस्य ठीक होता है तो दूसरा बीमार पड़ जाता है. किसी सदस्य को गंभीर बीमारी हो जाती है, जिससे पूरा परिवार परेशान रहता है. मानसिक और शारीरिक स्थिति ठीक नहीं रहती.
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Tags: Astrology, Dharma Aastha, Pitru Paksha
FIRST PUBLISHED : September 08, 2023, 10:44 IST
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