Home National पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर लगेंगे कैमरे, एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियां रहेंगी तैनात, मंत्री नंदी ने दिए निर्देश

पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर लगेंगे कैमरे, एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियां रहेंगी तैनात, मंत्री नंदी ने दिए निर्देश

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पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर लगेंगे कैमरे, एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियां रहेंगी तैनात, मंत्री नंदी ने दिए निर्देश

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औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने पूरे एक्सप्रेसवे को कैमरे से कवर करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि एक्सप्रेसवे के हर चप्पे कैमरे की नजर में हो और उसकी निगरानी की व्यवस्था की जाए। पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस, क्रेन और कैटल कैचर वाहन को यूपीडा कंट्रोल रूम से जोड़ा जाए।औद्योगिक विकास मंत्री गुरुवार को यूपीडा मुख्यालय में सभी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। वह एक्सप्रेसवेज पर हो रही दुर्घटनाओं और लोगों को सहायता मिलने में हो रही देरी की शिकायतों को लेकर काफी गंभीर नजर आए।

बताया कि पिछले दिनों उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे के पैकेज वन मेरठ से बदायूं और पैकेज फोर प्रयागराज से रायबरेली तक का निरीक्षण किया। इसमें पैकेज फोर प्रयागराज से रायबरेली तक काम की रफ्तार काफी धीमी है। प्रयागराज से रायबरेली के बीच 17 किलोमीटर के क्षेत्र में काम अभी तक शुरू ही नहीं हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि प्रति दिन एक लाख 25 हजार घन मीटर मिट्टी का काम कराने का लक्ष्य है। एक लाख घन मीटर ही मिट्टी का काम हो रहा है।

 

उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की समीक्षा में काम की गति धीमी मिलने के कारण पूछे तो अधिकारियों ने मिट्टी की समस्या बताई। उन्होंने काम की रफ्तार बढ़ाते हुए 31 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की समीक्षा में शौचालय की सफाई न होने की शिकायत की जानकारी दी। उन्होंने एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग वाहन, एंबेलेंस, क्रेन और कैटल कैचर पर कहा कि जीपीएस की ट्रैकिंग दिखान के लिए ऐप बनाएं।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा चित्रकूट

अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि चित्रकूट को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर भरतकूप के पास तीन किलोमीटर पहले चित्रकूट एयरपोर्ट तक 20 किलोमीटर लम्बा लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है। जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड के लिए 106 एमओयू साइन हुए हैं। लखनऊ में तैयार हो रहा पहला ब्रह्मोस मिसाइल अक्तूबर के बाद सबके सामने आ जाएगा। बैठक में औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास नरेंद्र भूषण के साथ ही सभी अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

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